भरतपुर जिले की रुदावल CHC पर 6 साल की बच्ची का इलाज करने की बजाए उसे आरबीएम अस्पताल भेजने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। मामले में BCMO ने CHC के चिकित्सा अधिकारी प्रभारी और नर्सिंग ऑफिसर को नोटिस दिया है। नोटिस के द्वारा चिकित्सा अधिकारी और कंपाउंडर से 3 दिन के अंदर जवाब मांगा है, नहीं तो एक तरफा कार्रवाई करने की चेतावनी दी है। BCMO लखन चौधरी ने बताया- कल(रविवार) सतीश निवासी रुदावल कस्बा ने शिकायत की थी कि मेरी भतीजी गुन्नु (6) 4 जनवरी दोपहर करीब 2 बजे खेलते समय अचानक गिर गई। जिससे उसकी नाक और आंख के ऊपर चोट आई। जिसे इलाज के लिए रुदावल CHC पर ले जाया गया। अस्पताल में मुकेश नाम का एक नर्सिंगकर्मी मिला। जिसने बच्ची को देखकर कहा कि, हमारे पास टांके लगाने के लिए सुई धागा नहीं है। इतने में वहां डॉक्टर राहुल गर्ग आ गए। इससे पहले डॉक्टर गुन्नु को देखते उससे पहले ही कंपाउंडर ने कहा कि यह बच्ची भरतपुर आरबीएम अस्पताल जाएगी। डॉक्टर राहुल गर्ग ने भी बच्ची को बिना देखे उसे भरतपुर ले जाने के लिए कहा। BCMO लखन चौधरी ने बताया कि सतीश सक्सेना की शिकायत के बाद मैंने अपने स्तर पर मामले की जांच करवाई। जिसमें नर्सिंग ऑफिसर मुकेश कुमार की गलती पता लगी। जिसके बाद तुरंत रुदावल CHC के चिकित्सा अधिकारी प्रभारी डॉ. राहुल गर्ग और नर्सिंग ऑफिसर मुकेश कुमार को नोटिस दिया गया है। नोटिस का जवाब 3 दिन में मांगा गया है। नहीं तो विभागीय स्तर पर एकतरफा कार्रवाई की जाएगी।


