ग्वालियर के डबरा स्थित नवग्रह मंदिर में होने वाले प्राण प्रतिष्ठा समारोह को लेकर पुलिस ने कड़े सुरक्षा इंतजाम किए हैं। आयोजन में लाखों श्रद्धालुओं और वीआईपी के आगमन को देखते हुए मंदिर परिसर में दो लेयर की सुरक्षा व्यवस्था की गई है। मंदिर के अंदर 1500 पुलिसकर्मी और बाहर 500 पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं, जो हर आने-जाने वाले पर नजर रखेंगे। इसके साथ ही जगह-जगह CCTV कैमरे भी लगाए गए हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पार्किंग के भी बेहतर इंतजाम किए गए हैं, ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो। मंगलवार को कलश यात्रा के साथ 11 दिवसीय आयोजन का भव्य शुभारंभ होगा। तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए सोमवार को आईजी ग्वालियर अरविंद सक्सेना ने नवग्रह मंदिर पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण किया।
मंगलवार से कलश यात्रा के साथ होगी शुरुआत
नवग्रह मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा समारोह की शुरुआत मंगलवार को कलश यात्रा के साथ होगी। मंदिर परिसर की सुरक्षा राउंड द क्लॉक रहेगी। सुरक्षा व्यवस्था के लिए ग्वालियर के साथ-साथ आसपास के जिलों से भी पुलिस बल बुलाया गया है। इसके अलावा 12 राजपत्रित अधिकारी भी तैनात किए गए हैं। पार्किंग स्थलों के आसपास भी पुलिसकर्मी मौजूद रहेंगे। इसके साथ ही होटल, लॉज और धर्मशालाओं पर भी पुलिस की निगरानी रहेगी। निरीक्षण के दौरान एएसपी जयराज कुबेर भी उपस्थित रहे। 75 एंगल से होगी निगरानी
सुरक्षा में किसी भी प्रकार की चूक न हो, इसके लिए बड़ी संख्या में CCTV कैमरे लगाए गए हैं, जो 75 अलग-अलग एंगल से निगरानी करेंगे। ये कैमरे भोजनशाला, पार्किंग स्थल, प्रसाद वितरण केंद्र सहित अन्य प्रमुख स्थानों पर लगाए गए हैं। इसके अलावा ड्रोन कैमरों से भी लगातार निगरानी की जाएगी।
500 मीटर दूर बनाया गया हेलीपैड
प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में कई वीवीआईपी के आगमन को देखते हुए मंदिर से करीब 500 मीटर दूर हेलीपैड बनाया गया है। यहां भी दिन-रात पुलिस बल तैनात रहेगा। आईजी अरविंद कुमार ने बताया कि नवग्रह मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा में आने वाले वीआईपी और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर कड़े इंतजाम किए गए हैं। करीब 2000 से अधिक पुलिसकर्मी और अधिकारी तैनात किए गए हैं। पूरा परिसर CCTV कैमरों की निगरानी में रहेगा। ये खबर भी पढ़ें… देश का सबसे बड़ा नवग्रह मंदिर तैयार:12 एकड़ जमीन पर सिर्फ मंदिर बना एशिया का सबसे बड़ा और अद्भुत नवग्रह मंदिर ग्वालियर के डबरा में बना है। इसे अद्भुत इसलिए कहा जा रहा है कि एकमात्र ऐसा मंदिर है, जहां नवग्रह के साथ उनकी पत्नियां भी विराजमान हैं। 12 एकड़ जमीन पर सिर्फ मंदिर बना है। यह मंदिर सनातन धर्म परंपरा, वास्तु शास्त्र और ज्योतिष शास्त्र आधार पर 108 खंभों पर स्थापित किया है। पूरी खबर पढ़ें…


