करौली में एक नवजात बालिका को पालना गृह में सुरक्षित आश्रय मिला है। अस्पताल में उपचार के बाद उसे स्वस्थ घोषित किया गया और अब वह राजकीय शिशु गृह में है, जहाँ उसका स्वागत किया गया। यह घटना 16 फरवरी को सुबह 11:30 बजे राजकीय सम्प्रेक्षण एवं किशोर गृह, करौली के मुख्य द्वार पर स्थित पालना गृह में हुई। पालने की घंटी बजने पर कर्मचारियों ने देखा कि एक नवजात बालिका सुरक्षित रखी हुई थी। बच्ची को तत्काल राजकीय सामान्य चिकित्सालय, करौली में भर्ती कराया गया। बुधवार को चिकित्सकों ने उसे पूर्णतः स्वस्थ घोषित कर अस्पताल से छुट्टी दे दी। इसके बाद बालिका को राजकीय शिशु गृह लाया गया, जहाँ सभी कर्मचारियों ने उसका स्वागत किया। इस अवसर पर “फेंके नहीं, हमें दें” का संदेश भी दोहराया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव ममता चौधरी ने सुरक्षित परित्याग करने वाले अभिभावकों की सराहना की। उन्होंने कहा कि पालना गृह नवजातों के लिए एक सुरक्षित विकल्प है। जिला बाल संरक्षण इकाई और बाल कल्याण समिति ने भी अपील की है कि किसी भी शिशु को असुरक्षित स्थान पर न छोड़ें। इसके बजाय, उन्हें निकटतम पालना गृह में सुरक्षित रूप से सुपुर्द करें, जहाँ पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है।


