भिलाई | नेहरू नगर भिलाई के श्रीराधा-कृष्ण मंदिर में चल रहे नवधा रामायण पाठ के चौथे दिन मंगलवार को श्रीरामचरित मानस के वनवास प्रसंग और केवट संवाद का मार्मिक वर्णन किया गय। मुख्य प्रसंग भगवान श्रीराम के वनगमन का था। जोधपुर राजस्थान से पधारे पाठकर्ता पं. गिरधर गोपाल आसोपा और पं. सुशील आसोपा ने उपस्थित भक्तों को सामूहिक रूप से रामायण पाठ कराया। इसके साथ ही दशरथ-वियोग और अयोध्या की वेदना का वर्णन किया। केवट की सरल भक्ति, समर्पण और प्रभु के प्रति अटूट प्रेम का वर्णन सुनते ही पूरा पंडाल भक्ति रस में डूब गया। मंदिर परिसर में भजन-कीर्तन और रामधुन के साथ भक्तिमय वातावरण बना रहा। श्रद्धालुओं ने एक स्वर में प्रभु श्रीराम के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया। मंदिर समिति के अध्यक्ष संजय रुंगटा ने बताया कि नवधा रामायण के प्रत्येक दिन में बढ़ती संख्या इस बात का प्रमाण है कि समाज में धार्मिक एवं आध्यात्मिक जागरण की भावना प्रबल हो रही है। इस अवसर पर बंशी अग्रवाल, चतुर्भुज राठी, दिनेश सिंघल, राजकुमार अग्रवाल, संतोष रुंगटा, दिलीप अग्रवाल उपस्थित थे।


