नववर्ष 2026 के पहले दिन मां महामाया सहित अन्य मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। दोपहर तक मां महामाया मंदिर में श्रद्धालुओं की लाइन लगी रही। नववर्ष के स्वागत के लिए रात को जश्न के बाद सुबह लोगों ने मंदिरों में पूजा-अर्चना की। मैनपाट सहित अन्य पिकनिक स्पॉट पर भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे हैं। चर्च में विशेष प्रार्थनासभा का आयोजन किया गया। नववर्ष 2026 के पहले दिन गुरुवार को कड़ाके की ठंड के बावजूद नगर के आदिशक्ति मां महामाया मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही। मुख्य द्वार से लेकर पूरे महामाया मंदिर परिसर में लोगों की कतार लगी रही। महामाया मंदिर में मां के दर्शन कर लोग परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। महामाया मंदिर के साथ ही समलाया मंदिर, स्कूल रोड स्थित गौरी मंदिर, शंकरघाट स्थित शंकर मंदिर, गांधी चौक दुर्गा शक्ति पीठ में भी सुबह से श्रद्धालुओं की लाइन लगी रही। मंदिरों में भीड़ को देखते हुए पुलिस जवान तैनात किए गए हैं। चर्च में विशेष प्रार्थनासभा
अंबिकापुर के नावापारा स्थित महागिरजाघर में नववर्ष 2026 के स्वागत पर विशेष प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया। रात 12 बजते ही चर्च के घंटे बज उठे एवं लोगों ने नववर्ष का स्वागत किया। गुरुवार सुबह चर्च में विशेष प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए एवं नववर्ष में खुशहाली की कामना की। देर रात तक जश्न, सुबह पिकनिक स्पाटों पर भीड़
नए वर्ष के स्वागत के लिए शहर के होटलों और रेस्टोरेंट में लोग बड़ी संख्या में पहुंचे। मैनपाट में होटलों एवं नाइट कैंपों में डीजे की धुन पर लोग देर रात तक थिरकते रहे और आतिशबाजी कर नए साल का स्वागत किया। देर रात तक चौक चौराहों में पुलिस बल की तैनाती की गई थी। गुरुवार को नए वर्ष के पहले दिन मैनपाट में बड़ी संख्या में सैलानी पहुंचे हैं। बड़ी संख्या में लोगों ने मैनपाट में ही रात बिताई और नववर्ष का जश्न मनाया। मैनपाट के दर्शनीय स्थलों के साथ जिले के अन्य पिकनिक स्पॉट पर भी लोग बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। पिकनिक स्पॉट में लोगों की भीड़ को देखते हुए पुलिस द्वारा जवानों की तैनाती की गई है। महामाया मंदिर परिसर में लगी आग, पाया काबू
नववर्ष के पहले दिन मां महामाया मंदिर परिसर में आग लग गई। आग पर मंदिर प्रबंधन के लोगों ने काबू पा लिया। आग महामाया मंदिर के बाहर श्रद्धालुओं द्वारा मनोकामना की पूर्ति के लिए बांधे गए चुनरियों में लगी थी। बताया गया है कि किसी भक्त द्वारा चुनरी के पास जलता दीपक रख दिए जाने के कारण यह आग लगी। कुछ देर के लिए आग लगने पर लोग सकते में आ गए। तत्काल सक्रिय हुए लोगों ने आग बुझा ली।


