युद्ध नशों के विरुद्ध’ अभियान के तहत नशा छुड़ाओ कर्मचारी यूनियन ने मोगा में आज स्वास्थ्य विभाग के डायरेक्टर कार्यालय के बाहर धरना दिया। कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन किया और सरकार पर इस मुहिम की रीढ़ माने जाने वाले कर्मचारियों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष परमिंदर सिंह ने कहा कि पंजाब को नशा मुक्त बनाने के लिए दिन-रात काम करने वाले कर्मचारियों को आज अपनी मांगों के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार नशा खत्म करने के बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन कर्मचारियों की मांगों को लगातार अनदेखा किया जा रहा है और सरकार के साथ हुई बैठकों का भी कोई नतीजा नहीं निकला है। सीएम ने समय देने के बाद भी नहीं की बैठक परमिंदर सिंह ने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान पर यूनियन को पांच बार समय देने के बाद भी बैठक न करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इसके विपरीत, रैलियों पर अनावश्यक रूप से पंजाब का पैसा खर्च किया जा रहा है। यूनियन नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार उनकी समस्याओं का समाधान नहीं करती है, तो आगामी विधानसभा चुनावों में उसे इसका परिणाम भुगतना पड़ सकता है। यूनियन ने यह मांग की यूनियन ने कर्मचारियों का एक साल से रुका हुआ 12 प्रतिशत वित्तीय भत्ता बहाल करने, नशा मुक्ति केंद्रों में कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए पुलिस या सुरक्षा कर्मियों की तैनाती, सेवाओं का नियमितीकरण, सोसायटियों को भंग कर उन्हें स्वास्थ्य विभाग के डायरेक्टर के अधीन लाने और पंजाब स्टेट डेवलपमेंट टैक्स के रूप में हर महीने लिए जा रहे 200 रुपये को बंद करने की मांग की है।


