नशा तस्कर का अवैध मकान ध्वस्त:संपत्ति कुर्की की कार्रवाई शुरू; कानोता थाना पुलिस ने 84 लाख से अधिक की संदिग्ध राशि का किया खुलासा

जयपुर पूर्व में नशे के अवैध कारोबार पर रोक लगाने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत पुलिस थाना कानोता ने मादक पदार्थ तस्करों के खिलाफ कार्रवाई की है। सोमवार को सरकारी नाले पर अतिक्रमण कर बनाए गए अवैध मकान को ध्वस्त करवाया गया है और नशे के कारोबार से अर्जित संपत्ति को कुर्क करने के लिए न्यायालय में इस्तगासा पेश किया गया है। डीसीपी ईस्ट सजीव नैन ने बताया कि मादक पदार्थ तस्कर मीरा सांसी ने सरकारी नाले पर अतिक्रमण कर दो मंजिला पक्का मकान बना रखा था। इसी मकान से चोरी-छिपे गांजा और स्मैक की बिक्री की जा रही थी। राजस्व अधिकारियों से मौका रिपोर्ट प्राप्त कर जानकारी की पुष्टि की गई। इसके बाद जयपुर विकास प्राधिकरण से पत्राचार कर विधिक प्रक्रिया अपनाई गई। आज, सोमवार को एसीपी बस्सी व थाना कानोता पुलिस की मौजूदगी में जेडीए प्रवर्तन दस्ते द्वारा उक्त मकान को ध्वस्त कराया गया। परिवार के खिलाफ दर्ज हैं कई आपराधिक मामले पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार मीरा सांसी और उसके परिवार के सदस्य कोमल सांसी, विजेन्द्र उर्फ विजय सांसी, लक्की उर्फ राहुल सांसी, महेन्द्र सांसी, विक्कु सांसी के खिलाफ स्मैक और गांजा तस्करी से जुड़े कई मामले दर्ज हैं। सभी आरोपियों के विरुद्ध लगातार कानूनी व निरोधात्मक कार्रवाई की जा रही है। 84 लाख से अधिक की संदिग्ध राशि का खुलासा जांच में सामने आया कि आरोपियों के पास कोई वैध रोजगार, व्यापार या आय का स्रोत नहीं है। इसके बावजूद उनके बैंक खातों में लगभग 84,51,294 रुपए की राशि जमा पाई गई। इसके अलावा आरोपियों के पास कई महंगी गाड़ियां, बहुमंजिला मकान, 4 से 5 एयर कंडीशनर, महंगे फर्नीचर व अन्य सुविधाएं मौजूद पाई गईं, जो अवैध कमाई की ओर संकेत करती हैं। 107 बीएनएस के तहत कुर्की की कार्रवाई पुलिस ने नशे के अवैध कारोबार से अर्जित चल व अचल संपत्ति की पहचान कर धारा 107 बीएनएस के तहत न्यायालय में कुर्की हेतु इस्तगासा प्रस्तुत किया है। मामला वर्तमान में न्यायालय में विचाराधीन है। पुलिस के अनुसार यह परिवार अवैध मादक पदार्थों की बिक्री कर समाज के गरीब व असहाय लोगों को लालच देकर अपराध में शामिल करता था और नई पीढ़ी को नशे की ओर धकेल रहा था। इस कार्रवाई का उद्देश्य समाज में गलत मानसिकता पर प्रहार करना और युवाओं को सही दिशा देना है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि भविष्य में भी अपराध से अर्जित संपत्ति बनाने वालों को चिन्हित कर उनके खिलाफ इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। यह कार्रवाई एडिशनल डीसीपी आलोक सिंघल, एसीपी विनय कुमार डीएच के सुपरविजन और थाना प्रभारी मुनीन्द्र सिंह के नेतृत्व में की गई।

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