नशे के पूरे गिरोह को तोड़ने की है तैयारी:SP मनीष त्रिपाठी बोले – 24 घंटे एक्टिव रहेगी Narco Tip Helpline, जनसहभागिता से पूरा होगा यह अभियान

चित्तौड़गढ़ में मादक पदार्थों के खिलाफ पुलिस ने “ऑपरेशन त्रिनेत्र” के तहत अभियान शुरू किया है। यह अभियान उदयपुर रेंज के महानिरीक्षक पुलिस गौरव श्रीवास्तव के निर्देशन में संचालित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य सिर्फ नशे की खेप पकड़ना नहीं, बल्कि पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करना और समाज को नशामुक्त दिशा में आगे बढ़ाना है। पुलिस अधीक्षक चित्तौड़गढ़ मनीष त्रिपाठी ने आमजन से अपील की है कि मादक पदार्थों की अवैध ढुलाई, भंडारण, बिक्री या इसमें शामिल व्यक्तियों और गिरोहों के बारे में कोई भी सूचना मिले तो तुरंत Narco Tip Helpline 960425643 पर दें। यह नंबर 24 घंटे एक्टिव रहेगा और सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। पुलिस का कहना है कि यह जनभागीदारी पर आधारित अभियान है, जिसमें समाज की सक्रिय भूमिका बहुत जरूरी है। भास्कर डिजिटल से विशेष बातचीत: एसपी मनीष त्रिपाठी सवाल 1: अवैध गतिविधियों को लेकर हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया है। इसकी जरूरत क्यों महसूस हुई और यह कैसे काम करेगा? उत्तर: हमने पिछले कई सालों का डाटा विस्तार से विश्लेषण किया। उसमें यह सामने आया कि नारकोटिक्स से जुड़े मामलों में सूचना सबसे जरूरी कड़ी होती है। कई लोग जानकारी होने के बावजूद सीधे थाने नहीं पहुंच पाते या किसी झिझक के कारण सामने नहीं आते। इसी बात को ध्यान में रखते हुए आईजी रेंज उदयपुर के निर्देशन में ऑपरेशन त्रिनेत्र शुरू किया गया और यह हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया। इस नंबर पर WhatsApp, कॉल और मैसेज के माध्यम से सीधे सूचना दी जा सकती है। मिले सूचना को हम विकसित करते हैं, उसका सत्यापन करते हैं और फिर विधिसम्मत कार्रवाई की पूरी प्रक्रिया शुरू होती है। सवाल 2: इस अभियान का फोकस किन बिंदुओं पर रहेगा? उत्तर: यह अभियान विशेष रूप से नारकोटिक्स और एनडीपीएस एक्ट से जुड़े मामलों पर केंद्रित है। जनवरी महीने में हमने करीब 1300 किलो नारकोटिक्स, जिसमें मुख्य रूप से डोडा चूरा शामिल था, जब्त किया। फरवरी में भी अब तक लगभग आधी मात्रा में जब्ती हो चुकी है। लेकिन हमारा उद्देश्य केवल माल पकड़ना नहीं है, बल्कि इसके पीछे काम कर रहे पूरे तंत्र को तोड़ना है। सवाल 3: क्या ऑपरेशन त्रिनेत्र केवल जब्ती तक सीमित रहेगा या नेटवर्क पर भी कार्रवाई होगी? उत्तर: यह अभियान बड़ा है। इसमें अवैध परिवहन को रोकना, सप्लाई चेन की पहचान करना, इसमें शामिल अपराधियों को पकड़ना और उनकी आर्थिक गतिविधियों की जांच करना शामिल है। जिन लोगों की संपत्तियां इस अवैध कारोबार से जुड़ी पाई जाएंगी, उनका आकलन कर उन्हें सीज और आगे की कानूनी प्रक्रिया के तहत फ्रीज कराया जाएगा। हम उन रूट्स की भी पहचान कर रहे हैं जिनसे नारकोटिक्स का परिवहन होता है और वहां सख्त नाकाबंदी व डीएसटी टीमों की सक्रिय तैनाती की जा रही है। सवाल 4: अगर कोई शरारती तत्व झूठी या फर्जी सूचना देता है तो पुलिस क्या करेगी? उत्तर: हमारी कोशिश रहेगी कि हर सूचना को गंभीरता से लिया जाए और उसका सत्यापन किया जाए। हम पहली सूचना को कभी नकारते नहीं हैं। अगर जांच में यह पाया जाता है कि सूचना जानबूझकर झूठी दी गई है, तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ नियम अनुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी। लेकिन हमारा अनुभव है कि ज्यादातर लोग समाजहित में ही सूचना देते हैं, इसलिए हम उनसे जिम्मेदारी के साथ सहयोग की उम्मीद करते हैं। सवाल 5: सूचना देने वाले की गोपनीयता को लेकर क्या व्यवस्था है? उत्तर: सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। यदि कोई व्यक्ति अपना नाम सार्वजनिक नहीं करना चाहता, तो उसका नाम और विवरण सुरक्षित रहेगा। यहां तक कि अगर वह फीडबैक चाहता है, तो उसके नंबर पर उसे यह बताया जाएगा कि उसकी सूचना पर क्या कार्रवाई की गई। हमारा उद्देश्य विश्वास कायम करना है, ताकि लोग बिना डर के आगे आएं। सवाल 6: क्या इस पूरे अभियान की मॉनिटरिंग सीधे आपके स्तर से की जा रही है? उत्तर: हां, इस अभियान की नियमित और हर दिन मॉनिटरिंग की जा रही है। हम यह देख रहे हैं कि मादक पदार्थ कहां से आ रहे हैं, कौन लोग इसमें शामिल हैं, कौन सी गाड़ी उपयोग में लिए जा रहे हैं और कौन से रास्ते सक्रिय हैं। अगर सूचना के आदान-प्रदान में कहीं कोई बाधा आती है, तो उसे भी चिन्हित कर दूर किया जा रहा है। यह एक संगठित और सतत अभियान है। सवाल 7: ग्रामीण और युवाओं को इस मुहिम से कैसे जोड़ा जाएगा? उत्तर: यह केवल पुलिस की मुहिम नहीं है, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है। नशे से सबसे ज्यादा हमारी युवा पीढ़ी प्रभावित होती है और परिवार परेशान होते हैं। हमने पहले भी युवाओं से जुड़े कार्यक्रम रेंज स्तर पर चलाए हैं। अब भी युवाओं और ग्रामीणों को जागरूक कर उनसे अपील की जा रही है कि वे सीधे कार्रवाई न करें, बल्कि सूचना पुलिस तक पहुंचाएं। सही समय पर मिली सटीक सूचना ही इस नेटवर्क को तोड़ने का सबसे प्रभावी हथियार है। यह नंबर 24 घंटे सक्रिय है और हम हर स्तर पर कार्रवाई के लिए प्रतिबद्ध हैं।

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