ग्रामीण खेलों का मक्का कहे जाने वाले किला रायपुर ग्रामीण ओलंपिक्स के अंतिम दिन वीरवार को पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान पहुंचे। उन्होंने ग्रेवाल स्टेडियम में बैलगाड़ी रेस सहित विभिन्न मुकाबलों को देखा। मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल नशों के खात्मे का सबसे प्रभावी हथियार हैं। आगामी पंजाब बजट में खेलों के लिए आवंटन बढ़ाया जाएगा, ताकि युवाओं की ऊर्जा को रचनात्मक दिशा दी जा सके। जब बच्चे मैदान में पसीना बहाकर पदक जीतेंगे तो नशा विरोधी अभियानों की जरूरत अपने आप कम हो जाएगी। किला रायपुर खेलों को पंजाब की ग्रामीण संस्कृति और विरासत की जीवंत झलक बताया। उन्होंने नई खेल नीति 2023 को राज्य की खेल प्रतिष्ठा बहाल करने की दिशा में अहम कदम बताया। उन्होंने कहा कि इसके तहत हर गांव में स्टेडियम विकसित किए जा रहे हैं। “खेड्डां वतन पंजाब दियां” के तीन सफल सीजन आयोजित किए जा चुके हैं, जिनमें एक ही परिवार की तीन पीढ़ियों की भागीदारी देखने को मिली। राज्य सरकार की पहल से पंजाब खेलों में अग्रणी बन रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछली सरकारों के दौरान प्रतिबंधित बैलगाड़ी दौड़ों को ‘जानवरों पर अत्याचार की रोकथाम (पंजाब संशोधन) एक्ट, 2025’ के माध्यम से दोबारा शुरू किया गया है। किला रायपुर में हॉकी एस्ट्रोटर्फ मैदान बनाएंगे, फ्लट लाइटें भी लगेंगी मान ने किला रायपुर में विकास कार्यों की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि आठ एकड़ में फैले तालाब का 95 लाख की लागत से सौंदर्यीकरण किया जाएगा। गांव की लाइब्रेरी को उन्नत किया जाएगा, सिक्स-ए-साइड हॉकी एस्ट्रोटर्फ मैदान बनाया जाएगा और स्टेडियम में फ्लड लाइटें लगाई जाएंगी। सीएम की सुरक्षा में चूक, ड्रोन उड़ता देख पुलिस के फूले हाथ-पांव लुधियाना। किला रायपुर में उस समय हड़कंप मच गया जब मुख्यमंत्री भगवंत मान की मौजूदगी में कार्यक्रम स्थल के ऊपर एक ड्रोन उड़ता पाया गया। मुख्यमंत्री दोपहर करीब 2:45 बजे खेल प्रतियोगिता में शामिल होने पहुंचे थे और बैलगाड़ी रेस व एथलेटिक्स मुकाबलों का आनंद ले रहे थे। जैसे ही पुलिस की नजर आसमान में उड़ रहे ड्रोन पर पड़ी तो अफरा-तफरी मच गई। सुरक्षा व्यवस्था में तैनात एक पुलिसकर्मी ने डंडे के सहारे ड्रोन को नीचे गिराने का प्रयास किया, लेकिन ऊंचाई अधिक होने के कारण वह सफल नहीं हो सका। पुलिस ने तुरंत हरकत में आते हुए ड्रोन को ऑपरेट करने वाले युवक की तलाश की और ड्रोन को नीचे उतारा। साथ ही ड्रोन चला रहे युवक से पूछताछ की। मुख्यमंत्री को मिल रही लगातार धमकियों के मद्देनजर सुरक्षा एजेंसियां पहले से ही हाई अलर्ट पर थीं, जिसके चलते इस घटना ने अधिकारियों की चिंता बढ़ा दी।


