छत्तीसगढ़ में करीब 15 दिन पहले आए मानसून ने इस साल नौतपे की तपिश कम कर दी। 25 मई से नौतपा शुरू हो गया है। 1 जून को नौतपा के आठ दिन बीत गए। नौतपा भी बिना तपे ही गुजर गए। नौतपे के नौ दिनों में औसत तापमान 45 से 46 डिग्री तक पहुंच जाता है। इस बार दिन का अधिकतम तापमान 30 से 38 डिग्री के बीच ही रहा। यह सामान्य से सात से दस डिग्री तक कम है। आमतौर पर ऐसी स्थिति कभी नहीं आती। मई के आखिरी सप्ताह यानी 25 से 31 मई के बीच एक-दो दिन को छोड़कर ज्यादातर दिनों में प्रचंड गर्मी पड़ती है। मैदानी इलाके लू के थपेड़ों से जूझ रहे होते हैं। शेष|पेज 10 भास्कर एक्सपर्ट- डॉ. एमएल साहू, पूर्व निदेशक मौसम केंद्र क्लाइमेट चेंज की वजह से मानसून पहले आया आमतौर पर जब कभी मौसम में कोई बड़ा चेंज आता है तो इसे दो तरह से देखा जाता है। पहला होता है क्लाइमेट वेरिएबिलिटी। यानी किसी साल तापमान बहुत ज्यादा होना या बहुत नीचे चले जाना, बहुत अधिक बारिश हो जाती है या बिलकुल भी पानी नहीं गिरता। बहुत जल्दी मानसून आ जाता है या कभी-कभी बहुत देर से मानसून आता है। ऐसा एक साल होता है। दूसरे साल स्थिति फिर सामान्य हो जाती है। दूसरी स्थिति होती है क्लाइमेट चेंज, जो बड़ा बदलाव होता है वह लंबी समय तक रहता है। जैसे 2025 में मानसून 24 मई को आ गया। 2026, 2027, 2028 या पांच-दस सालों तक मानसून 24-25 मई के आसपास ही आता रहे। यह क्लाइमेट चेंज का परिणाम है। देश में इस साल मानसून समय से करीब आठ दिन पहले और छत्तीसगढ़ में करीब 15 दिन पहले आ गया।


