झुंझुनूं में धनूरी थाना पुलिस ने नाकाबंदी तोड़कर फरार हुए दो शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया है। दोनों पर 5-5 हजार रुपए का इनाम घोषित था। थानाधिकारी संजय गौतम के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने दबिश देकर हरियाणा के सिरसा क्षेत्र से दोनों मुख्य आरोपियों को दबोच लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान विरेंद्र उर्फ पवन कुमार (41) निवासी पनीवाला मोटा, सिरसा (हरियाणा) और रायसिंह उर्फ देवीलाल (38) निवासी खारी सुरेरा, सिरसा (हरियाणा) के रूप में हुई है। गिरोह का एक अन्य सदस्य रविंद्र उर्फ रवि पहले ही पुलिस गिरफ्त में आ चुका है। फॉर्च्यूनर से काला बैग फेंककर हुए थे फरार घटनाक्रम 29 अगस्त 2025 की रात का है। बगड़ पुलिस ने खुडाना तिराहा बाईपास पर ‘A’ श्रेणी की नाकाबंदी लगा रखी थी। इसी दौरान एक संदिग्ध सफेद फॉर्च्यूनर (HR 24 AF 0006) आती दिखाई दी। पुलिस ने रुकने का इशारा किया तो गाड़ी की रफ्तार धीमी हुई, लेकिन जैसे ही पुलिसकर्मी तलाशी के लिए आगे बढ़े, अगली सीट पर बैठे बदमाश ने अचानक एक काला बैग सड़क पर फेंक दिया और ड्राइवर ने एक्सीलेटर दबा दिया। कुछ ही सेकंड में फॉर्च्यूनर पुलिस की नजरों से ओझल हो गई। पुलिस ने लावारिस बैग खोलकर देखा तो अंदर से 1 पिस्टल मय मैगजीन, 12 जिंदा कारतूस, 29,560 रुपए नकद और 6 चाबियां बरामद हुईं। हथियार और कारतूस मिलने से मामला गंभीर हो गया। धनूरी पुलिस की ‘स्पेशल टीम’ का जाल मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच धनूरी थानाधिकारी संजय गौतम को सौंपी गई। उन्होंने विशेष टीम गठित कर मुखबिर तंत्र सक्रिय किया और तकनीकी साक्ष्यों को खंगाला। सूचना मिली कि आरोपी हरियाणा के सिरसा इलाके में छिपे हैं। टीम ने दबिश देकर दोनों इनामी बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया। हत्या, आर्म्स एक्ट और अपहरण के मामले गिरफ्तार आरोपी आदतन अपराधी हैं। मुख्य आरोपी विरेंद्र उर्फ पवन के खिलाफ हत्या (धारा 302), आर्म्स एक्ट और जानलेवा हमले सहित 5 गंभीर मुकदमे दर्ज हैं। आरोपी रायसिंह उर्फ देवीलाल के खिलाफ भी अपहरण और मारपीट के मामले दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार, यह गिरोह अंतरराज्यीय स्तर पर वारदातों को अंजाम देने में माहिर माना जाता है।


