संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने सिविल सर्विस एग्जाम 2025 का फाइनल रिजल्ट जारी कर दिया है। इसमें नागौर जिले के जायल उपखंड के गांव सोमणा की डिंपल चौहान ने देश में 131वीं रैंक हासिल की है। दिल्ली में असिस्टेंट कमिश्नर के पद पर पोस्टेड
डिंपल वर्तमान में दिल्ली सरकार के व्यापार और कर विभाग में सहायक आयुक्त के पद पर कार्यरत हैं। वे दिल्ली अंडमान निकोबार समूह सिविल सेवा (DANICS) में अपनी सेवाएं दे रही हैं। उनकी शुरुआती शिक्षा उदयपुर और कोटा में हुई। इसके बाद उन्होंने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) गुवाहाटी से ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल कीं। इस टफ एग्जाम के लिए डिंपल ने दर्शनशास्त्र को अपना ऑप्शनल सब्जेक्ट चुना था। नौकरी की व्यस्तताओं के बीच अपनी तैयारी जारी रखते हुए यह सफलता अर्जित की है। डिंपल के ससुर श्रवण राम बिडियासर अजमेर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (AVVNL) में अधीक्षण अभियंता हैं। उनकी सास वंदना चौधरी राजस्थान उच्च न्यायालय में वकील हैं। परिवार नागौर जिले के जायल उपखंड के सोमणा गांव में रहता है। इस मौके पर पति पवन चौधरी ने पत्नी को मिठाई खिलाई और उपलब्धि पर खुशी जताई। पिता रेडियोलॉजिस्ट और मां वकील
डिंपल के पिता डॉ. रमेश चौहान रेडियोलॉजिस्ट और माता सरोज चौहान प्रिंसिपल हैं, वे जालोर के रहने वाले हैं। डिंपल ने अपनी सफलता का श्रेय अपने परिजनों को दिया है। उनके रिजल्ट में टॉपर आने की सूचना मिलते ही परिचितों ने उन्हें और उनके परिवार के लोगों को बधाई देना शुरू कर दी। डिंपल के ससुर श्रवण राम बीडीयासर ने बताया कि डिंपल ने UPSC के लिए बहुत मेहनत की। सर्विस में रहते हुए सफलता और अच्छी रैंक हासिल करना आसान नहीं था, लेकिन मेहनत और लगन से दोनों परिवारों के साथ हमारे गांव का भी नाम रोशन कर दिया। रीटा महिया ने हासिल की 322वीं रैंक
डीडवान-कुचामन जिले के लाडनू तहसील भियाणी की रहने वाली रीटा महिया ने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा में 322वीं रैंक हासिल की। यह उनका पांचवा प्रयास था और वे तीसरी बार साक्षात्कार (इंटरव्यू) तक पहुंची थीं। इससे पूर्व के प्रयास में उनका चयन भारतीय राजस्व सेवा (IRS) के लिए हुआ था और वर्तमान में वे नागपुर में आयकर विभाग में प्रशिक्षण ले रही हैं। रीटा के पिता रामाकिशन महिया कर्नाटक के शिवकाशी में व्यवसाय करते हैं, जबकि उनकी माता सरोज महिया एक गृहिणी हैं। उनका छोटा भाई मनीष पूर्व में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) में कार्यरत था और अब अपने पारिवारिक व्यवसाय से जुड़ा हुआ है।


