नागौर के रूण गांव में ग्रामीणों की विभिन्न समस्याओं को लेकर खुली जनसुनवाई हुई। जनसुनवाई व समस्या निस्तारण शिविर में मूंडवा उपखंड अधिकारी लाखाराम चौधरी की अध्यक्षता में विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। नायब तहसीलदार बस्तीराम नराधनिया, वीडियो अधिकारी महावीर प्रसाद, पटवारी मनमोहन सिंह, ग्राम सेवक राजेंद्र मिर्धा, विद्युत जेईएन सुरेश चौहान, जलदाय जेईएन चुनीलाल, पशुपालन विभाग के रामजीत भाटी, आयुर्वेदिक चिकित्सालय से दीपक सारस्वत, चिकित्सा विभाग से बीसीएमओ राकेश सिरोही सहित गांव की सरपंच इंद्रा देवी गोलिया और महादेव गौशाला अध्यक्ष रामेश्वर गोलिया मौजूद रहे। जनसुनवाई के दौरान ग्रामीणों ने बिजली, पानी, पशु चिकित्सालय, रास्तों पर अतिक्रमण और कृषि से संबंधित समस्याओं को खुलकर रखा। किसानों ने प्रशासन से आग्रह किया कि लगभग 25 से 30 ब्राह्मण परिवारों को उनके खेतों तक पहुंचने का मार्ग खुलवाया जाए ताकि वे खेत में फसल की बुवाई कर सकें। कई ग्रामीणों ने बताया कि घर के सामने लगे बिजली के खंभे रास्ता रोक रहे हैं और आम रास्ते के बीचोंबीच लगे लाइट खंभों को हटाने की भी मांग की गई। कई किसानों ने फसल बीमा को लेकर भी चिंता जताई और जल कनेक्शन नहीं मिलने की शिकायत की। कुछ किसानों ने बताया कि उन्होंने 2500 रुपये की रसीद मिलने के बावजूद विद्युत कनेक्शन नहीं दिया गया है। बिजली विभाग के जेईएन सुरेश चौहान ने बताया कि सौभाग्यवती योजना के अंतर्गत जो ढाणियां 300 मीटर के दायरे में आती हैं, उन्हें एक ही सिंगल फेज केबल से जोड़कर घरेलू कनेक्शन दिए जा सकते हैं, इसके लिए विद्युत फाइल मूंडवा कार्यालय में जमा कराएं। जहां सिंगल फेज लाइन उपलब्ध नहीं है, वहां आसपास के घरों को जोड़कर 11 केवी लाइन से कनेक्शन दिया जा सकता है, लेकिन इसका खर्च संबंधित उपभोक्ता को उठाना होगा। उपखंड अधिकारी लाखाराम चौधरी ने कहा कि जनसुनवाई के दौरान ग्रामीणों से करीब 40 समस्याएं प्राप्त हुई हैं, जिनके समाधान के लिए विभागीय कार्रवाई तीन-चार दिन में पूरी कर दी जाएगी। जनसुनवाई के कार्यक्रम आगे भी जारी रहेंगे, जिससे आमजन की समस्याओं का समय पर समाधान हो सके।


