नाथद्वारा में एकादशी के मौके पर प्रसिद्ध कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर ने श्रीनाथजी मंदिर में शयन झांकी के दर्शन किए। दर्शन के बाद उन्होंने आत्मिक सुख की अनुभूति जताई और देश में मंदिर परंपराएं सुरक्षित रखने के साथ सनातन संस्कृति संरक्षण और सनातन बोर्ड निर्माण की बात कही। एकादशी पर शयन झांकी के दर्शन राजसमंद जिले के नाथद्वारा में शुक्रवार शाम देवकीनंदन ठाकुर श्रीनाथजी मंदिर पहुंचे। एकादशी के पावन अवसर पर उन्होंने प्रभु श्रीनाथजी की शयन झांकी के दर्शन किए। दर्शन के बाद उन्होंने इसे आत्मिक रूप से सुखद अनुभव बताया। मंदिर परंपरा अनुसार सम्मान दर्शन उपरांत मंदिर परंपरा के अनुसार बैठक जी में मंदिर अधिकारी सुधाकर शास्त्री ने देवकीनंदन ठाकुर को उपरना और रजाई ओढ़ाकर सम्मानित किया। इस दौरान उन्हें श्रीनाथजी का प्रसाद भी भेंट किया गया। मौके पर सहायक अधिकारी, तिलकायत सचिव, जमादार सहित मंदिर के सेवादार मौजूद रहे। सनातन संस्कृति संरक्षण की अपील पत्रकारों से बातचीत में देवकीनंदन ठाकुर ने कहा कि एकादशी पर श्रीजी के दर्शन कर उन्हें बहुत आनंद मिला। उन्होंने श्रीनाथजी से प्रार्थना की कि भारत में मंदिर परंपराएं बनी रहें, ताकि सनातन संस्कृति सुरक्षित रह सके। उन्होंने देश के युवाओं और सभी सनातनियों से सनातन संस्कृति संरक्षण के लिए आगे आने और सनातन बोर्ड के निर्माण में सहयोग करने की बात कही। फियावड़ी के लिए रवाना श्रीनाथजी के दर्शन के बाद देवकीनंदन ठाकुर सड़क मार्ग से फियावड़ी के लिए रवाना हो गए। वहां मंगरी श्याम भैरवनाथ मंदिर की प्राणप्रतिष्ठा के अवसर पर उनकी भागवत कथा हो रही है।


