नानी बाई का मायरा में आए सूरजकुंड महाराज:101 गांवों से आएगा मायरा, गौ-शोभायात्रा से होगी शुरुआत

चित्तौड़गढ़ में गौ सेवा के लिए नरसीजी का चरित्र एवं नानी बाई का मायरा कथा का आयोजन होने जा रहा है। जिसकी तैयारियों को लेकर प्रशासनिक संत राकेश पुरोहित ने मौके का जायजा लिया। कथा का आयोजन 11 जनवरी से 14 जनवरी को समीपवर्ती गांव लाल जी का खेड़ा होगा। बता दे कि यह कथा का मुख्य उद्देश्य लाल जी का खेड़ा में ही बीमार और घायल गौवंशों के लिए हॉस्पिटल बनाना है। जहां गौवंशों का इलाज हो सके। कथा के आखिरी दिन 101 गांवों से मायरा लाया जाएगा। इस कथा के दौरान सूरजकुंड के महाराज श्री श्री 1008 अवधेशानंद चैतन्य जी महाराज भी आएंगे। 101 गांवों से आएगा मायरा ACEO राकेश पुरोहित ने बताया कि ओछड़ी ग्राम पंचायत के लाल जी का खेड़ा गांव में 11 से 14 जनवरी तक नरसीजी का चरित्र एवं नानीबाई का मायरा कथा का आयोजन बड़े स्तर पर होने जा रहा है। इसमें 101 गांवों से मायरा आएगा। इसमें दिए गए मायरे की राशि से नंदिनी गौशाला के पास ही गौवंशों के लिए हॉस्पिटल का निर्माण करवाया जाएगा। जिसमें बीमार और घायल गौवंशों का इलाज होगा। उन्होंने बताया कि मारवाड़ से कुछ लोग मायरा भरने आएंगे। मारवाड़ से एक भक्त ने एडवांस ही 1 लाख 51 हजार मायरे के लिए दे चुके है। वे भी मायरा भरने आएंगे। गौ-शोभायात्रा से शुरू होगा कांरवा उन्होंने बताया कि 11 जनवरी को सुबह 9.30 बजे लाल जी का खेड़ा के चारभुजा मंदिर से 551 महिलाएं कलश लेकर चलेगी। इसके अलावा 1100 भक्त भी गौ-शोभायात्रा में साथ रहेंगे। शोभायात्रा में हरिनाम संकीर्तन करते हुए चलेंगे और कथा स्थल तक पहुंचेंगे। गौ-पूजन के कथा की शुरुआत होगी। 11 से 14 जनवरी तक लगातार रोज सुबह 10 बजे कथा की शुरुआत होगी। मायरा लाने वालों का ढोल नगाड़े के साथ स्वागत किया जाएगा। भक्तों को तकलीफ ना हो इसलिए होगी LED की सुविधा ACEO ने एक प्रेस कांफ्रेंस के जरिए जानकारी देते हुए कहा कि तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी है। बड़े डोम लगाए जा चुके है। डोम 270 बाय 80 फिट के बनाए जा रहे है। इसमें 7 से 10 हजार लोग आसानी से बैठ सकते है। लोगों की सुविधाओं के लिए चार LED भी लगाई जा रही है। पहले दिन लोगों की संख्या अगर ज्यादा होती है तो टेंट का 70 फिट तक का विस्तार कर दिया जाएगा। साथ ही चार LED ओर बढ़ा दिए जाएंगे। उन्होंने बताया कि पेयजल की व्यवस्था भी की गई है। इसके अलावा महिला पुरुषों के अलग-अलग जूता स्टैंड, महिला पुरुषों के अलग-अलग शौचालय की भी व्यवस्था की गई है। आर्ट गैलरी के साथ-साथ सेल्फी प्वाइंट और तुलादान भी होगा आकर्षण का केंद्र उन्होंने बताया कि एक आर्ट गैलरी भी बनाई जा रही है। जिसमें भगवान के प्रति प्रेम और को महिमा संबंधित सु वाक्यों के साथ उनकी तस्वीर लगाई जाएगी। दो सेल्फी प्वाइंट भी बनाए जाएंगे। एक में “मां, मैं तुम्हारी लाडली” और दूसरे में “मां, मैं तुम्हारा लाडला” लिखा होगा। इसके अलावा वहां पर तराजू रखे होंगे जहां पर तुलादान की परंपरा निभाई जाएगी। भक्त अपने वजन के बराबर कोई भी गौग्रास की व्यवस्था कर सकते हैं। अगर किसी व्यक्ति ने गौवंशों के लिए उनके भोजन की व्यवस्था करती है तो उन्हें गंगा जी तक जाने की भी जरूरत नहीं पड़ेगी। उन्होंने बताया कि आने वाले दिनों में गौवंशों के लिए हाइड्रॉलिक लिफ्ट एंबुलेंस की व्यवस्था भी की जाएगी। उन्होंने कहा कि भारत माता को किसी ने नहीं देखा है लेकिन उनके लिए पूरी तरह सम्मान मन में होता है। गौमाता ही भारत माता है। उनके लिए भी मन में प्रेम और करुणा का होना बहुत ज्यादा जरूरी है। सूरजकुंड महाराज ने किया निमंत्रण को स्वीकार उन्होंने कहा कि मां मीरा बाई चित्तौड़ से आंसू लेकर गई थी। उनके साथ जो भी बुरा हुआ वह उसे आहत हुई थी। अगर मां मीरा को खुश करना है तो उनके इष्ट देव श्री कृष्ण भगवान को खुश रखना होगा और उन्हें खुश रखने के लिए गौ मां की सेवा सच्चे मन से करनी होगी। 14 जनवरी को मकर संक्रांति पर सभी गौवंशों को अपना दान दे सकते है। उन्होंने बताया कि खुशी की बात है कि इस दौरान सूरजकुंड के महाराज श्री श्री 1008 अवधेशानंद चैतन्य जी महाराज भी आएंगे। उन्होंने हमारे निमंत्रण को स्वीकार किया है। लेकिन वो कितना समय दे पाएंगे, इसकी जानकारी बाद में मिल पाएगी।

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