नाबालिग ने भभूति समझकर खाई चूहामार दवा:जिला अस्पताल में इलाज के दौरान मौत; मानसिक रूप से परेशान थी

जिले के राघौगढ़ कस्बे में बुधवार को एक 15 वर्षीय किशोरी ने भभूति समझकर चूहे मारने वाली दवा खा ली। परिजनों ने बच्ची का दो अलग-अलग अस्पतालों में इलाज कराया। जिसके बाद गुरुवार को बच्ची की मौत हो गई। जिला अस्पताल में बच्ची के शव का पोस्टमॉर्टम किया गया। जानकारी के अनुसार राघौगढ़ के वार्ड नंबर-1 कबीरपुरा निवासी मोनू मोंगिया किराने की दुकान चलाते हैं। उन्होंने बताया कि उनके बड़े भाई का परिवार भी उनके साथ ही रहता है। उनकी भतीजी सोनम मोंगिया ने बुधवार शाम 7 बजे गलती से चूहामार दवा खा ली थी। परिजनों ने बताया कि सोनम मानसिक रूप से खुद को परेशान महसूस कर रही थी। लिहाजा परेशानी से निजात पाने के लिए उसने अलमारी में रखी चूहामार दवा देखी, जिसे भभूति समझ कर खा लिया। जिला अस्पताल में दम तोड़ा सोनम के भाई ने आकर चाचा मोनू को बताया कि चाचा सोनम ने कुछ खा लिया है और वो गिर गई है। इसके बाद वह दुकान से घर पहुंचे। दवा खाने के बाद सोनम को राघौगढ़ अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां उसकी हालत बिगड़ने पर जिला अस्पताल रेफर कर दिया। यहां डॉक्टरों ने उसका इलाज शुरू किया, लेकिन गुरुवार को उसने दम तोड़ दिया। तीन साल से स्कूल नहीं जा रही थी परिजनों के मुताबिक सोनम ने 5वीं तक पढ़ाई की है। वह तीन साल से स्कूल नहीं जा रही थी। पुलिस ने बालिका का पोस्टमार्टम कराया है। इसके बाद शव परिवार वालों को सौंप दिया गया। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

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