नाबालिग बच्चों से मनरेगा में काम, भ्रष्टाचार का बड़ा मामला उजागर
ग्राम पंचायत दुलादर, जनपद पंचायत गोहपारू,
ग्राम पंचायत दुलादर में मनरेगा कार्यों में भारी भ्रष्टाचार और अनियमितताओं का मामला सामने आया है। यहां न केवल मजदूरों के हक पर डाका डाला जा रहा है, बल्कि मासूम नाबालिग बच्चों को मजदूरी में लगाकर उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। ग्रामीणों के मुताबिक, मनरेगा के तहत मजदूरों से काम करवाने की बजाय जेसीबी मशीनों का इस्तेमाल हो रहा है। काम कम और भुगतान ज्यादा दिखाकर फर्जी मास्टर रोल के जरिए सरकारी धन की बंदरबांट हो रही है। सबसे चैंकाने वाली बात यह है कि इस भ्रष्टाचार को छिपाने के लिए छोटे-छोटे बच्चों को मजदूरी के काम में लगाया जा रहा है। शासन की नीतियों और बच्चों की शिक्षा के लिए चल रही योजनाओं को दरकिनार कर उन्हें स्कूल भेजने के बजाय फावड़ा और गैती पकड़ाई जा रही है। ग्रामीणों ने पंचायत सचिव, सब-इंजीनियर, और जनपद अधिकारियों को इस मामले की जानकारी दी, लेकिन किसी ने कोई कार्रवाई नहीं की। भ्रष्टाचार में शामिल इन अधिकारियों की मिलीभगत के चलते मामले को दबाया जा रहा है। जहां एक ओर सरकार बच्चों की शिक्षा पर करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, वहीं दूसरी ओर इस प्रकार के मामले उन प्रयासों को विफल कर रहे हैं। पंचायत के जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा बच्चों के अधिकारों का हनन किया जा रहा है। यह गंभीर मामला शासन और संबंधित विभागों की निष्क्रियता पर सवाल खड़े करता है। स्थानीय प्रशासन की चुप्पी और मिलीभगत ने इस भ्रष्टाचार को और बढ़ावा दिया है। ग्रामीणों ने मांग की है कि इस मामले की तुरंत जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।


