विशिष्ट न्यायालय पोक्सो कोर्ट नंबर 1, झालावाड़ के विशेष जज ने नाबालिग से छेड़छाड़ के मामले में दोषी को तीन साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। दोषी को 12 हजार रुपए के जुर्माने से भी दंडित किया गया है। विशिष्ट लोक अभियोजक गिरिराज नागर ने बताया कि 6 जुलाई 2025 को पीड़िता ने अपनी मां के साथ मंडावर थाने में पोक्सो एक्ट के तहत एक लिखित रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में बताया गया कि पीड़िता के घर पर उसकी मौसी आई हुई थी और खाना खाने के बाद सभी घर के चौक में सो गए थे। इसी दौरान पीड़िता का पड़ोसी मकान की छत पर चढ़कर सीढ़ियों से उतरकर पीड़िता के मकान में घुस आया। आरोपी ने पीड़िता का मुंह दबाकर उसे उठाकर छत की ओर सीढ़ियों से ले जाने का प्रयास किया। पीड़िता की चिल्लाने की आवाज सुनकर उसकी मौसी और मां जाग गईं। उनके जागने से आरोपी मौके से भाग गया। यह भी बताया गया कि आरोपी करीब एक साल से पीड़िता के पीछे पड़ा हुआ था और उसे बात करने तथा शादी करने के लिए लगातार परेशान कर रहा था। इस उत्पीड़न से परेशान होकर पीड़िता ने अपनी मां के साथ मंडावर थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर प्रकरण में अनुसंधान प्रारंभ किया और बाद में कोर्ट में चालान पेश किया। विशिष्ट लोक अभियोजक गिरिराज नागर ने राजस्थान सरकार की ओर से पैरवी करते हुए प्रकरण में 7 गवाह और 14 दस्तावेज पेश किए। इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने आरोपी को दोषी मानते हुए यह फैसला सुनाया।


