विशिष्ट पॉक्सो कोर्ट ने नाबालिग बालिका से रेप के आरोपी को दोषी करार देते हुए 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही 48 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया। आरोपी नाबालिग को बहला-फुसलाकर गुजरात ले गया था। वहां बंधक बनाकर कई दिन तक रेप किया था। विशिष्ठ लोक अभियोजक रामहेतार गुर्जर ने बताया कि 9 फरवरी 2022 को एसपी झालावाड़ को सुनेल थाना इलाके के एक व्यक्ति ने परिवाद दिया था। उसने बताया कि 7 फरवरी 2022 को उसकी पुत्री घर पर अकेली थी। परिवारजन खेत पर थे। थोड़ी देर बाद जब परिवाजन खेत से घर आए तो उसकी नाबालिग पुत्री घर पर नहीं थी। घर के आसपास तलाश किया तो नहीं मिली। गांव वालों से पूछताछ की तो पता चला कि गांव का एक लड़का भी उसी समय से गांव से गायब है। पुलिस ने अनुसंधान कर पीड़िता को 21 फरवरी 2022 को डिटेन किया था। पीड़िता ने पुलिस बयान में बताया कि उसके घरवाले खेत पर गए हुए थे। इस दौरान वह घर के बाहर अकेली खड़ी होकर उनका इंतजार कर रही थी। तभी गांव का युवक आया और बहला-फुसलाकर जबरदस्ती झालरापाटन ले गया। वहां से कोटा और फिर गुजरात ले गया। आरोपी ने पीड़िता को गुजरात में बंधक बनाकर एक कमरे में रखा। इस दौरान आरोपी ने कई बार रेप किया। आरोपी ने पीड़िता को 7 फरवरी से 20 फरवरी तक जबरदस्ती अपने पास रखा व पीड़िता के साथ जबरदस्ती बलात्कार किया। पुलिस ने अनुसंधान पूर्ण कर मुलजिम को 26 फरवरी को गिरफ्तार किया था, जो 7 दिसंबर से न्यायिक अभिरक्षा में है। विशिष्ट लोक अभियोजक रामहेतार गुर्जर ने राज्य सरकार की ओर से पैरवी करते हुए प्रकरण में 18 गवाह व 26 दस्तावेज पेश किए, जिसके आधार पर कोर्ट ने आरोपी को दोषी मानते हुए 20 साल का कठोर कारावास और 48 हजार रुपए के जुर्माने से दण्डित किया है।


