अशोकनगर में मंगलवार को भारतीय किसान संघ ने सीएम के नाम नायब तहसीलदार को ज्ञापन दिया, जिसमें जिले के किसानों से संबंधित कुछ समस्याओं का उल्लेख है। संघ के जिलाध्यक्ष वीरेंद्र रघुवंशी एवं जिला मंत्री बाबूजी यादव ने बताया कि जिले की आठों तहसीलों में नामांतरण के सैकड़ों मामले केवल इसलिए लंबित हैं कि पटवारी द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट जिल्द बंदोबस्त की लगाई जा रही है। जिसमें सन 1967 से राजस्व रिकॉर्ड उठाया जाता है और अधिकांश भूमि शासकीय दर्ज आती है। उन्होंने बताया कि इससे किसान रजिस्ट्री कराने के बाद नामांतरण न होने पर स्वयं को ठगा महसूस करता है। संघ की मांग है कि नामांतरण के लिए सन 2004 के बाद की रिपोर्ट मांगी जाए, जिससे नामांतरण के लंबित प्रकरण निराकृत हो सकें। इसी तरह संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि जब राजस्व रिकॉर्ड कंप्यूटरी कृत हुआ तो किसानों के नाम, रकबे में एंट्री दर्ज करने वालों ने अनेकों गड़बड़ियां कर दीं। अब यदि राजस्व रिकॉर्ड को सुधरवाने का किसान प्रयास करें तो उसे एसडीएम के यहां अपील करनी पड़ती है। नकल शाखा से पुराना रिकॉर्ड निकलवाना होता है, कई बार तहसीलों से जिले में भेज दिए गए रिकॉर्ड की भी आवश्यकता पड़ती है। इसमें किसानों का काफी खर्च हो रहा है और समय की बरबादी हो रही है। सरकारी गलतियों की सजा किसान को भुगतनी पड़ रही है। संघ ने मांग की कि इस तरह की गड़बड़ियों का ग्रामवार सर्वे कराया जाकर शासन स्तर से ही सुधार कराया जाए। राजस्व रिकॉर्ड के अलावा किसानों को दस घंटे सिंचाई लाइन पर बिजली सप्लाई नहीं होने और तहसीलों में नामांतरण, बंटवारा और अन्य कामों के लिए चल रही रिश्वत खोरी पर सख्ती से अंकुश लगाने की मांग की है। इस दौरान बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।


