नारनौल शहर की इंद्रा कॉलोनी धोबी जोहड़ निवासी एक मां व पिता ने बेटी की शादी से पूर्व उसको घोड़ी पर बैठाकर बनवारा निकाला। इससे उन्होंने समाज को ‘बेटा–बेटी एक समान’ का संदेश दिया। आसपास के लोग इसकी सराहना कर रहे हैं। इंद्रा कॉलोनी के फूल सिंह की बेटी गीता की शादी आज 10 फरवरी को निर्धारित है। शादी से पूर्व लड़कों के लिए निकाले जाने वाले बनवारे की तरह गीता को घोड़ी पर बैठाकर उसका धूमधाम से परिजनों ने बनवारा निकाला। राजस्थान से आएगी बारात वर पक्ष राजस्थान के शाहपुरा से बारात लेकर आएगा। दूल्हे का नाम नरेंद्र है, जो बीए तक शिक्षित है। वहीं दुल्हन गीता भी बीए तक पढ़ी हुई है। गीता के पिता फूलसिंह पेशे से हलवाई का काम करते हैं और उनके परिवार में कुल पांच सदस्य हैं। परिवार ने बेटी की शादी को भी बेटे के समान ही सम्मान और खुशी के साथ मनाने का निर्णय लिया। माता ने दिया बनवारा विवाह से पूर्व गीता की माता ने परंपरागत तरीके से बनवारा निकालकर समाज को नई सोच का परिचय दिया। बनवारे से पहले सहभोज का आयोजन किया गया, जिसमें आस-पड़ोस, रिश्तेदारों और परिजनों ने भाग लिया। इसके बाद गीता को घोड़ी पर बैठाकर डीजे के साथ शहर की गलियों में बनवारा निकाला गया। डीजे की धुनों पर महिलाओं, युवाओं और बच्चों ने जमकर नृत्य किया और खुशियां साझा कीं। प्रमुख गलियों से निकला बनवारा शहर की प्रमुख गलियों से होकर निकाला गया, जहां लोगों ने पुष्पवर्षा कर परिवार का स्वागत किया। इस पहल की स्थानीय लोगों ने जमकर सराहना की और इसे समाज में सकारात्मक बदलाव की दिशा में एक प्रेरणादायक कदम बताया। लोगों का कहना है कि ऐसे आयोजनों से बेटियों के प्रति सोच में बदलाव आता है और समाज में समानता का संदेश मजबूत होता है। लोगों ने दी बधाई परिवारजनों ने बताया कि उनका उद्देश्य यही है कि बेटियों को भी वही सम्मान और अधिकार मिलें, जो बेटों को मिलते हैं। इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने गीता के सुखद वैवाहिक जीवन की कामना की और परिवार को इस सराहनीय पहल के लिए बधाई दी।


