टोंक जिले के उनियारा न्यायालय परिसर में गुरुवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, टोंक के तत्वावधान में नालसा मेगा विधिक सेवा एवं लोक कल्याणकारी शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का उद्देश्य आमजन को स्थानीय स्तर पर न्याय और विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ एक ही मंच पर उपलब्ध कराना रहा। वर्षों बाद आयोजित इस शिविर में न्यायपालिका और प्रशासन ने मिलकर “न्याय एवं सेवा” का प्रभावी समन्वय प्रस्तुत किया। विधिक सहायता हर नागरिक का अधिकार कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला विधिक सेवा प्राधिकरण टोंक के सचिव (अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश) दिनेश कुमार जलुथरिया ने की। उन्होंने कहा कि समान न्याय और निःशुल्क विधिक सहायता प्रत्येक नागरिक का अधिकार है, विशेषकर महिलाओं, बच्चों, श्रमिकों, अनुसूचित जाति-जनजाति एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) की स्थापना इसी उद्देश्य से की गई है, ताकि कोई भी व्यक्ति आर्थिक या सामाजिक कारणों से न्याय से वंचित न रहे। विधिक जागरूकता और लोक अदालत की जानकारी शिविर में बाल विवाह रोकथाम, निःशुल्क विधिक सहायता, मध्यस्थता 2.0 अभियान, नालसा हेल्पलाइन 15100, साइबर अपराध से बचाव, स्थायी लोक अदालत की कार्यप्रणाली और पीड़ित प्रतिकर योजना की जानकारी दी गई। इसके साथ ही 14 मार्च को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत के संबंध में भी आमजन को प्रेरित किया गया कि वे अपने प्रकरण आपसी सहमति से निस्तारित कर शीघ्र न्याय प्राप्त करें। विभिन्न विभागों ने मौके पर दिए लाभ प्रशासनिक अधिकारियों की रही मौजूदगी शिविर के सफल आयोजन में उपखंड प्रशासन, पंचायत राज विभाग, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, नगरपालिका उनियारा और तालुका विधिक सेवा समिति का विशेष सहयोग रहा। पंचायत समिति उनियारा के खंड विकास अधिकारी शंकरलाल मेघवाल ने पहल की सराहना करते हुए भविष्य में भी सहयोग का आश्वासन दिया। कार्यक्रम का संचालन सेवानिवृत्त व्याख्याता रविशंकर शर्मा ने किया। शिविर के बाद एडीजे जलुथरिया ने न्यायालय परिसर में पौधरोपण भी किया। इस अवसर पर एसीजेएम डॉ. सुरभि सिंह मीणा, उपखंड अधिकारी पूजा मीणा, बीसीएमओ डॉ. मनीष लोधी, कार्यवाहक तहसीलदार पूजा मीणा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।


