शुभेंदु शुक्ला | अमृतसर निगम के हेल्थ विभाग में डियरनेस अलाउंस (डीए) के किस्तों का भुगतान करने में फर्जीवाड़ा सामने आया है। निगम के विश्वनीय सूत्रों के मुताबिक, 2015 के 6 माह का करीब 174 सफाई सेवकों को डियरनेस अलाउंस (डीए) का भुगतान बनता था। बीते अप्रैल में निगम ने आईसीआई बैंक से 66 को 6.76 लाख रुपए खाते में भुगतान किया, इनमें सिर्फ 8 को 4.67 लाख रुपए दिए गए। 58 मुलाजिमों को 2 से 5 हजार रुपए तो 8 को 47 से 63 हजार रुपए तक डीए खातों में भुगतान किया गया है। वहीं दूसरी ओर जिस हेल्थ विभाग में 30 लाख लोन का फर्जीवाड़ा सामने आया उसी के इंचार्ज को जांच टीम में शामिल कर दिया गया है। यह पहली बार नहीं जो इस तरह का फर्जीवाड़ा सामने आया हो। पहले भी हेल्थ अफसर को ही जांच सौंप दी जाती रही है मगर कार्रवाई के नाम पर महज सस्पेंशन की खानापूर्ति की गई। यदि मामले की थर्ड पार्टी से जांच कराई जाए तो निगम में अब तक हुए फर्जीवाड़े में कई अफसरों के नाम सामने आ सकते हैं। गड़बड़झाला तो यहां भी है कि निगम अफसरों ने कई एस्टेब्लिशमेंट क्लर्कों को बतौर एस्टेब्लिशमेंट इंस्पेक्टर लगा रखा है। ऐसा नहीं कि यह किसी उच्च अफसर की नोटिस में नहीं है मगर सबकुछ भगवान भरोसे चल रहा है।


