सुप्रीम कोर्ट ने सांगानेर और प्रतापनगर के क्षेत्र में बसी 86 कॉलोनियों को अवैध ठहराया है। इनमें रहने वाले लोगों ने हाउसिंग बोर्ड और सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। लोगों ने सभी कॉलोनियों को नियमन करने की मांग को लेकर रविवार को प्रताप नगर पन्नाधाय सर्किल स्थित शिवम मैरिज गार्डन में ‘नियमन के लिए संघर्ष समिति’ के नेतृत्व में आम सभा की। पदाधिकारियों का कहना है कि हाउसिंग बोर्ड और सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में सही तरीके से पक्ष नहीं रखा है। इस वजह से 86 कॉलोनियों पर संकट खड़ा हो गया। समितियों के बैनर तले पहुंचे लोग
आम सभा में प्रभावित कॉलोनियों के 800 से 900 महिला-पुरुष शामिल हुए। सभी अपनी-अपनी कॉलोनियों की विकास समितियों के बैनर तले पहुंचे। वरिष्ठ नागरिकों और कार्यकर्ताओं ने सभा को संबोधित करते हुए कॉलोनियों के नियमन और बेदखली पर चिंता जताई। इसके बाद सांगानेर थाना तक शांतिपूर्ण मार्च निकालने की घोषणा की थी, लेकिन पुलिस प्रशासन ने अनुमति नहीं दी। इससे लोग आक्रोशित हो गए। आंदोलन की तैयारी, टोंक रोड जाम व घेराव का ऐलान सभा में स्थानीय विधायक इन कॉलोनियों में हो चुकी 90 प्रतिशत बसावट
कोर्ट ने जिन 86 कॉलोनियों को अवैध बताया है, उनका कॉलोनियों में 90 प्रतिशत बसावट हो चुकी है। इन कॉलोनियों में करीब 20 हजार से अधिक भूखंडधारी लाखों की संख्या में आबादी प्रभावित हो रही हैं। समिति का दावा है कि हाउसिंग बोर्ड की प्रक्रिया में खामियों के कारण किसानों को मुआवजा नहीं मिला। किसानों ने रजिस्टर्ड सोसायटियों को जमीन बेच दी। सोसायटियों ने लोगों को भूखंड दिए हैं, जिनके से कॉलोनियां बसीं।


