विश्वविद्यालयों में नीड बेस्ड लेक्चरर की नियुक्ति पर रोक का एनएसयूआई ने स्वागत किया है। प्रदेश उपाध्यक्ष अमन अहमद ने इसके लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के प्रति आभार जताया है। कहा कि इस नियुक्ति में ओपेन सीटों पर राज्य के अभ्यर्थियों का प्रतिनिधित्व नहीं मिल रहा था। यूजीसी ने भी कहा कि 10 प्रतिशत से अधिक विवि में अनुबंध शिक्षक नहीं होना चाहिए। हाईकोर्ट ने भी स्थायी नियुक्ति का निर्देश दिया है। इसलिए इस नियुक्ति प्रोसेस को रद्द करने के लिए एनएसयूआई लगातार आंदोलन चला रहा था। बताते चलें कि राज्य के मॉडल डिग्री कॉलेजों में एक भी शिक्षक नहीं है। रांची यूनिवर्सिटी के कई कॉलेजों में आधा दर्जन से अधिक विषयों में एक भी शिक्षक नहीं है। जबकि हर कॉलेजों के इन विषयों में छात्रों की संख्या पांच सौ से एक हजार है। बिना शिक्षक के ही इन शिक्षकों को पढ़ाई करना विवशता है।


