जालंधर: आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं जालंधर सेंट्रल हलका इंचार्ज नीतिन कोहली ने गुरुवार को शहर दौरे पर पहुंचे पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को शिक्षा सामग्री भेंट कर एक नई मुहिम ‘जालंधर पढ़ाओ’ अभियान की शुरुआत की। इस अवसर पर नीतिन कोहली ने मुख्यमंत्री को फूलों के गुलदस्ते की जगह कॉपी, पेंसिल, रबर, शार्पनर और स्टेशनरी सेट भेंट किए। उन्होंने इसे एक प्रतीकात्मक लेकिन उद्देश्यपूर्ण कदम बताते हुए कहा कि सार्वजनिक जीवन में औपचारिकताओं से ज्यादा समाजोपयोगी कार्यों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। नीतिन कोहली ने कहा,
मैंने जालंधर में अपने जनसेवा प्रयासों की नींव शिक्षा को बनाया है। मेरा दृढ़ विश्वास है कि सार्थक बदलाव की शुरुआत जमीनी स्तर से होती है। उन्होंने आगे कहा कि स्टेशनरी सामग्री केवल प्रतीकात्मक भेंट नहीं रहेगी, बल्कि ‘जालंधर पढ़ाओ’ अभियान के तहत इसे शहर के गरीब, वंचित और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों में वितरित किया जाएगा। कोहली ने स्पष्ट किया कि इस मुहिम का उद्देश्य सिर्फ सामग्री बांटना नहीं, बल्कि बच्चों को सम्मान के साथ पढ़ाई जारी रखने के लिए सशक्त बनाना है। कॉपी के कवर पर केजरीवाल-मन्न सहित पार्टी नेताओं की तस्वीर दिलचस्प बात यह रही कि अभियान के तहत तैयार की गई कॉपी के कवर पर आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल, मुख्यमंत्री भगवंत मान, पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया, पार्टी अध्यक्ष अमन अरोड़ा और स्वयं नीतिन कोहली की तस्वीर छपी हुई है। कॉपी का कवर पार्टी के झंडे के अनुरूप पीले और नीले रंग में है और उस पर नारा लिखा है—
‘लोकां दी आवाज़, लोकां दी सरकार’ गुलदस्ता संस्कृति छोड़ शिक्षा को बढ़ावा देने की अपील नीतिन कोहली ने कहा कि समाज को पारंपरिक गुलदस्ता भेंट करने की संस्कृति से आगे बढ़कर ऐसे कदम उठाने चाहिए जो सामाजिक उत्थान में योगदान दें। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि हर सार्वजनिक कार्यक्रम को शिक्षा, साक्षरता और समान अवसर को बढ़ावा देने का माध्यम बनाना चाहिए। उन्होंने कहा,
शिक्षा सामाजिक परिवर्तन का सबसे शक्तिशाली हथियार है। समाज तभी सच में शिक्षित कहलाएगा जब हर बच्चा, चाहे वह संपन्न हो या गरीब, समान रूप से सीखने का अवसर पाए। जनता और संगठनों से सहयोग की अपील नीतिन कोहली ने नागरिकों, पार्टी कार्यकर्ताओं और सामाजिक संगठनों से अपील की कि वे भी इस तरह की पहल को अपनाएं ताकि जरूरतमंद बच्चों तक शिक्षा संसाधन लगातार पहुंचते रहें। उन्होंने कहा कि साक्षरता किसी वर्ग का विशेषाधिकार नहीं, बल्कि हर बच्चे का अधिकार बननी चाहिए।


