मध्य प्रदेश में रविवार को मौसम ने अचानक करवट ले ली। कई जिलों में बारिश, आंधी, घना कोहरा और ओलावृष्टि देखने को मिली। मंदसौर जिले के कई हिस्सों में जमकर बारिश हुई। उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा के विधानसभा क्षेत्र मल्हारगढ़ के ग्राम झारड़ा से ओलावृष्टि के दृश्य सामने आए। रविवार शाम करीब आधे घंटे तक तेज बारिश और ओले गिरे, जिससे सड़क किनारे बर्फ जैसी सफेद चादर बिछ गई। कई जगह लोग घर के आंगन में फावड़े से ओले समेटते नजर आए। नीमच जिले के पालसोडा और भंवरासा क्षेत्र में भी ओलावृष्टि हुई, जहां नजारा मिनी कश्मीर जैसा दिखा। ओलों और बारिश से किसानों की चिंता बढ़ गई है। दतिया-खजुराहो में छाया रहा घना कोहरा
प्रदेश के दतिया और खजुराहो में घना कोहरा छाया रहा। यहां दृश्यता 50 से 200 मीटर तक सिमट गई, जिससे वाहन चालकों को परेशानी हुई। ग्वालियर, उज्जैन, धार और मुरैना में रात से सुबह तक बारिश होती रही, जबकि भोपाल में सुबह 9 बजे तक कोहरे का असर रहा। मौसम में बदलाव के बावजूद बड़े शहरों में रात का तापमान 12 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया। केवल खजुराहो, राजगढ़ और नौगांव में पारा 10 डिग्री से नीचे रहा। बारिश और ओलावृष्टि से कई इलाकों में गेहूं की फसल आड़ी हो गई, जिससे नुकसान की आशंका है। 14 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार दतिया, खजुराहो, ग्वालियर, नौगांव, सतना, रीवा, उज्जैन, श्योपुर, राजगढ़, रतलाम, गुना, दमोह, मंडला, टीकमगढ़ और मलाजखंड में कोहरे का असर ज्यादा रहा। वहीं नीमच, मंदसौर सहित 14 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। अगले 24 घंटे तक प्रदेश के कई हिस्सों में कोहरा और बादल बने रहने की संभावना है। इधर, कड़ाके की ठंड और कोहरे के बीच प्रदेशभर में माघ पूर्णिमा श्रद्धा के साथ मनाई गई। नर्मदा तटों पर लोगों ने स्नान कर दान-पुण्य किया। देखिए तस्वीरें
अगले तीन दिन का पूर्वानुमान 2 फरवरी: ग्वालियर, भोपाल, मुरैना, भिंड, दतिया, श्योपुर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, आगर-मालवा, राजगढ़, विदिशा, रायसेन, सागर, दमोह, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना और सतना में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना। 3 फरवरी: ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, विदिशा, सागर, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना और सतना में कहीं-कहीं बारिश। 4 फरवरी: छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा और मऊगंज में बारिश का अलर्ट, जबकि ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया समेत कई जिलों में मध्यम से घना कोहरा छाया रहेगा। पश्चिमी विक्षोभ और जेट स्ट्रीम का असर मौसम विभाग के मुताबिक पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टरबेंस) के सक्रिय होने से यह स्थिति बनी है। 2 से 5 फरवरी के बीच इसका असर ज्यादा रहेगा, जिससे 10 फरवरी तक कहीं-कहीं बारिश हो सकती है। साथ ही जेट स्ट्रीम हवाओं के कारण प्रदेश में सर्द हवाएं चल रही हैं और दिन के तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। सिस्टम लौटने पर बढ़ेगी ठंड पहाड़ी राज्यों में भारी बर्फबारी और बारिश के बाद जब यह सिस्टम वापस लौटेगा, तब प्रदेश में ठंड का एक और दौर आ सकता है। दिन-रात के तापमान में गिरावट के आसार हैं। शनिवार को ग्वालियर, रीवा और दतिया में घना कोहरा रहा, जबकि 20 से अधिक जिलों में मध्यम कोहरा छाया रहा। न्यूनतम तापमान के लिहाज से छतरपुर का खजुराहो सबसे ठंडा रहा, जहां पारा 6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दिन के तापमान में हल्की बढ़ोतरी देखी गई है। सबसे पहले जानिए, जनवरी में कैसी रही ठंड …
जनवरी में प्रदेश में ठंड, कोहरे, ओले और बारिश का दौर रहा। आखिरी सप्ताह में प्रदेश के आधे से ज्यादा हिस्से में बारिश हुई। वहीं, उज्जैन, ग्वालियर-चंबल संभाग के जिलों में ओले भी गिरे। इस वजह से गेहूं, चना और सरसों की फसलें बर्बाद हो गईं। इसके बाद सरकार ने प्रभावित फसलों का सर्वे भी शुरू कराया है। ताकि, नुकसानी रिपोर्ट बन सके। इधर, भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर-जबलपुर में रात के तापमान में गिरावट देखी गई। फरवरी में ऐसा रहेगा मौसम
मौसम विभाग के अनुसार, पहले ही सप्ताह में पश्चिमी विक्षोभ का असर रहेगा। शुरुआत 4 दिन तक बारिश होने की संभावना है। 2 और 5 फरवरी को फिर से नए वेस्टर्न डिस्टरबेंस की एक्टिविटी देखने को मिलेगी। इनके गुजरने के बाद ठंड का एक और दौर आ सकता है। MP के पांच बड़े शहरों में फरवरी का मौसम… भोपाल में रातें ठंडी रहती है, दिन गर्म
राजधानी भोपाल में रातें ठंडी रहती हैं, जबकि दिन गर्म। वर्ष 2014 से 2024 के बीच 4 साल दिन का अधिकतम तापमान 35 डिग्री के पार पहुंच गया। रात में 7 साल पारा 10 डिग्री से कम दर्ज किया गया। इस बार फरवरी में दिन का तापमान 25 डिग्री के पार है। इंदौर में बारिश का ट्रेंड नहीं
फरवरी के महीने में इंदौर में बारिश होने का ट्रेंड नहीं है। 2014 और 2015 में बूंदाबांदी जरूर हुई थी। दूसरी ओर, दिन में अधिकतम तापमान 30 डिग्री के पार ही रहता है। 2019 में तापमान 35 डिग्री दर्ज किया गया था। यहां रात में पारा 10 डिग्री के नीचे रहता है। ग्वालियर में कड़ाके की ठंड
ग्वालियर में कड़ाके की ठंड का ट्रेंड रहता है। इसकी वजह यहां सीधे उत्तरी हवाएं आना है। 4 फरवरी 2018 की रात में न्यूनतम पारा रिकॉर्ड 1.9 डिग्री दर्ज किया गया था। साल 2019, 2022 और 2023 में न्यूनतम तापमान 3 डिग्री से नीचे ही रहा। पिछले साल ग्वालियर में बारिश भी हुई थी।
जबलपुर में भी बदला रहता है मौसम
जबलपुर में भी मौसम बदला रहता है। फरवरी के दूसरे सप्ताह के बाद दिन का अधिकतम तापमान 30 डिग्री से अधिक रहता है, जबकि रात में तापमान न्यूनतम 11 डिग्री के आसपास रहता है। यहां फरवरी में बारिश का भी ट्रेंड है। 10 में से 6 साल यहां बारिश हो चुकी है। उज्जैन में गर्मी, बारिश और ठंड का दौर
उज्जैन में गर्मी और ठंड के साथ बारिश भी होती है। दिन में अधिकतम तापमान 30 डिग्री के पार ही रहता है, जबकि रात में न्यूनतम पारा 10 डिग्री से कम दर्ज किया जाता है। उज्जैन में फरवरी महीने में बारिश का ट्रेंड कम ही है। लाइव ब्लॉग के मिनट टु मिनट अपडेट के लिए यहां से गुजर जाइए…


