मध्य प्रदेश के नीमच जिले और शहर में बुधवार को अचानक मौसम बदल गया। गरज-चमक के साथ तेज बारिश हुई और कई स्थानों पर ओलावृष्टि भी दर्ज की गई। इस बेमौसम बरसात और ओलों से खेतों में खड़ी रबी की फसलें बिछ गईं, जिससे किसानों को भारी नुकसान हुआ है। गेहूं, चना, अफीम की फसल को भी नुकसान की आशंका गेहूं, चना और सब्जियों के साथ-साथ जिले की प्रमुख नकदी फसल अफीम को भी नुकसान की आशंका जताई गई है। बारिश के कारण कई खेतों में अफीम धुल गई, जिससे उत्पादन और गुणवत्ता दोनों पर असर पड़ेगा। गेहूं की बालियां खेतों में झुक गईं, जबकि चना और प्याज की फसल को भी व्यापक क्षति पहुंची है। मौसम विभाग के अनुसार फिर से ठंड की संभावना इन दिनों नीमच जिले में अफीम की फसल में ‘लूनी-चिरनी’ का कार्य चल रहा है, जिसमें डोडों से दूध निकाला जाता है। अचानक हुई बारिश ने अफीम को धो दिया, जिससे किसानों को सीधा आर्थिक नुकसान हुआ है। करीब 10 से 15 मिनट तक गिरे छोटे आकार के ओलों ने भी फसलों को प्रभावित किया। मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर भारत में सक्रिय हुए एक नए पश्चिमी विक्षोभ का असर मध्य प्रदेश पर पड़ा है। इसी के चलते बुधवार को नीमच जिले में सुबह और दोपहर में दो दौर में झमाझम बारिश और हल्की ओलावृष्टि हुई। 21 से अधिक जिलों में बारिश और तेज हवाओं की संभावना भारतीय मौसम विभाग ने प्रदेश के कई जिलों में बारिश, तेज हवा और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है। विभाग के मुताबिक, बुधवार और गुरुवार को भी प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में तूफानी गतिविधियां जारी रह सकती हैं। जानकारी के अनुसार, आज नीमच, मंदसौर, रतलाम, उज्जैन सहित करीब 21 से अधिक जिलों में बारिश और तेज हवाओं की संभावना जताई गई थी, और इन जिलों में दो दिन तक बादलों का डेरा रहने का अनुमान है।


