नीमच जिले के जावद में नयागांव में सरकारी जमीन पर दुकानों के निर्माण को लेकर हंगामा खड़ा हो गया है। मंगलवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण किसान नेता राजकुमार अहीर के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे। उन्होंने कलेक्टर हिमांशु चंद्रा को ज्ञापन सौंपकर आरोप लगाया कि जिस जमीन पर सामुदायिक भवन बनना था, वहां अब नगर परिषद नियमों के खिलाफ जाकर दुकानें बनवा रही है। सामुदायिक भवन के लिए मिली जमीन पर दुकानों की तैयारी ग्रामीणों का कहना है कि करीब सात बीघा जमीन विशेष रूप से सामुदायिक भवन (कम्युनिटी हॉल) के लिए आवंटित की गई थी। इसके लिए पहले भूमि पूजन भी हो चुका है। अब अचानक वहां व्यावसायिक दुकानें बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, जिससे प्रजापत, माली, जायसवाल और मीणा मोहल्ले के निवासियों में काफी नाराजगी है। लोगों का कहना है कि इलाके में कोई दूसरा मांगलिक भवन नहीं है, जिससे गरीबों को शादियों और सामाजिक कार्यक्रमों के लिए भटकना पड़ता है। जनहित के काम हों, निजी फायदा नहीं: राजकुमार अहीर किसान नेता राजकुमार अहीर ने कहा कि सरकारी जमीन का इस्तेमाल जनता की सुविधाओं के लिए होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि जनप्रतिनिधि अपने निजी या व्यावसायिक फायदे के लिए इस जमीन का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं। ग्रामीणों ने कलेक्टर को बताया कि जिस जगह श्मशान की जमीन को बदलकर सामुदायिक भवन की मंजूरी मिली थी, वहां अब दुकानें बनाना गलत है। उग्र आंदोलन की दी चेतावनी ग्रामीणों ने पूर्व कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश सखलेचा के किए गए भूमि पूजन का हवाला देते हुए मांग की है कि दुकानों का काम तुरंत रोका जाए। उन्होंने साफ कहा कि अगर जनभावनाओं का ख्याल नहीं रखा गया और वहां सामुदायिक भवन नहीं बना, तो वे उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे। कलेक्टर ने इस मामले में जांच का भरोसा दिया है।


