भास्कर न्यूज | खड़गवां प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में जीवन दीप समिति (जेडीएस) से बनी 8 दुकानों की नीलामी राशि समिति के खाते में जमा नहीं की गई। आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन ने राशि में गोलमाल कर गड़बड़ी की है। मामला एमसीबी जिले के खड़गवां प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का है, जहां साल 2022-23 में जेडीएस के माध्यम से आठ दुकानों का निर्माण कर 41 लाख रुपए में नीलामी की गई थी। मामले की जांच करीब सालभर से जारी है, पर अब तक जांच रिपोर्ट सामने नहीं आ सकी है। भास्कर की पड़ताल में पता चला कि शुरुआत में जांच की जिम्मेदारी एसडीएम को सौंपी गई थी, जिसे बाद में सीएमएचओ को स्थानांतरित कर दिया गया। लंबे समय से रिपोर्ट लंबित रहने से विभागीय कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। अस्पताल परिसर में बने शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में कुल आठ दुकानों का निर्माण कराया गया था, जिनमें ग्राउंड फ्लोर पर चार दुकानें और चार दुकानें पहले तल पर बनाई गई थी। सभी दुकानों की बोली लगाकर नीलामी कराई गई थी, जिससे कुल 41 लाख रुपए की राशि मिली थी। आरोप है कि यह पूरी राशि नकद ली गई। इसका खुलासा जीवन दीप समिति की बैठक में हुआ था, जिसमें स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल भी उपस्थित थे। कैश लेन-देन की जानकारी सामने आने पर मंत्री ने इसे गंभीर अपराध मानते हुए जांच के आदेश दिए थे। दुकानों के आवंटन में भी असमानता के आरोप लगे थे। बताया जाता है कि ग्राउंड फ्लोर पर बीच की दो दुकानों को 17 लाख रुपए में नीलाम किया गया था, जबकि दोनों किनारे की दो दुकानों को कथित रूप से कुछ कांग्रेसी नेताओं को जीवन दीप समिति का आजीवन सदस्य बनाकर 5-5 लाख रुपए में दे दिया गया। वहीं पहले तल की चारों दुकानों की नीलामी साढ़े 3-3 लाख रुपए में की गई। शॉपिंग कॉम्पलेक्स का निर्माण लगभग 20 लाख रुपए की लागत से कराया गया था। आरोप है कि निर्माण बिना टेंडर प्रक्रिया के हुआ था।


