गृह विभाग से संबंधित अनुदानों की मांग पर चर्चा पर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि पुलिस और जेल सेवा का इकबाल इतना कमजोर हो गया है कि अपराधी जेल से सीधे मुख्यमंत्री के नाम पर धमकी देते हैं। पिछले एक साल में कम से कम तीन प्रकरण ऐसे आए हैं जिनमें जेल से सदन के नेता को जान से मारने की धमकी दी गई। अपराधियों के हौंसले इतने बुलन्द हो गए हैं कि पुलिस पर हमले आम बात हो गई हैं। बीते सवा साल में सबसे अधिक अत्याचारों का सामना बालिकाओं, महिलाओं, दलितों व आदिवासियों को करना पड़ा है। ऐसी स्थिति बनती जा रही है कि इन वर्गों का घर से बाहर निकलना मुश्किल होता जा रहा है। जूली ने कहा कि ऐसा लगने लगा है जैसे प्रदेश में माफिया राज हो गया है। भू माफिया, शराब माफिया, खनन माफिया, अवैध मादक पदार्थ तस्करों समेत सभी असमाजिक तत्व राजस्थान में हावी हो गए हैं। पूरे देश में स्थायी वारंटियों की कुल संख्या करीब 1 लाख 15 हजार है इसमें से लगभग 80,500 केवल राजस्थान में हैं। ऐसा लगता है कि भाजपा के शासन में राजस्थान वारंटियों के लिए सबसे सुरक्षित जगह बन गया है। पुलिस ने ही की जासूसी : जूली ने कहा कि सरकार के कमजोर होते इकबाल से कई जिलों में तो पुलिस ही एक ऑर्गनाइज्ड गैंग बनकर काम करने लग गई हैं। पुलिस द्वारा ही राजस्थान पुलिस की एक महिला एसपी की जासूसी की गई। आज तक ये पता नहीं चल सका कि उनकी जासूसी क्यों की जा रही थी?


