प्रदेश भाजपा अध्यक्ष आदित्य साहू ने रविवार को कहा कि निकाय चुनाव में अपने समर्थित उम्मीदवारों की संभावित हार को देखते हुए हेमंत सरकार बौखला गई है। राज्य सरकार पुलिस-प्रशासन का दुरुपयोग करते हुए भाजपा को निशाना बना रही है। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी पर गिरिडीह में मुकदमा दर्ज करना सत्ता पक्ष की बौखलाहट का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि सत्ता का अहंकार इतना हावी है कि नेता प्रतिपक्ष जहां भोजन कर रहे हैं, उसे भी आचार संहिता से जोड़कर मामला दर्ज कराया गया। पुलिस-प्रशासन राज्य सरकार का टूलकिट बन गया है। साहू ने आरोप लगाया कि निकाय चुनाव के दौरान पूरे प्रदेश में अपराधियों का मनोबल बढ़ा हुआ है। चक्रधरपुर में भाजपा समर्थित प्रत्याशी विजय सिंह गगराई को जान से मारने की धमकी दी गई है। उनके घर पर धमकी भरे पोस्टर चिपकाए गए, लेकिन प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है। उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग की जिम्मेदारी है कि पूरे प्रदेश में भयमुक्त और निष्पक्ष निकाय चुनाव सुनिश्चित करे। वहीं, भाजपा प्रदेश महामंत्री मनोज सिंह ने झामुमो नेता सुप्रियो भट्टाचार्य के खिलाफ अविलंब मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि झामुमो ने साइलेंस पीरियड का उल्लंघन करते हुए समर्थित प्रत्याशी के पक्ष में वोट की अपील की। मनोज सिंह ने कहा कि झामुमो बाबूलाल मरांडी को लेकर भ्रम फैलाना बंद करे। उनका आरोप है कि सुप्रियो भट्टाचार्य ने चुनाव प्रचार की समय-सीमा समाप्त होने के बाद भी नगर निकाय चुनाव में झामुमो के समर्थित उम्मीदवार के लिए खुलेआम चुनाव चिन्ह बताकर वोट मांगा। उन्होंने चुनाव आयोग से सुप्रियो के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की। कांग्रेस ने आरोपों को बताया तथ्यहीन झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता लाल किशोर नाथ शाहदेव ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू के बयानों को तथ्यहीन और हताशा का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि जब भी भाजपा चुनाव में पिछड़ने लगती है, वह संस्थाओं और प्रशासन पर अनर्गल आरोप लगाकर ‘विक्टिम कार्ड’ खेलने लगती है। उन्होंने कहा कि बाबूलाल मरांडी वरिष्ठ नेता हैं, लेकिन कानून की नजर में कोई भी व्यक्ति संविधान और आदर्श आचार संहिता से ऊपर नहीं है। राज्य सरकार में पुलिस और प्रशासन स्वतंत्र रूप से कार्य कर रहे हैं। चक्रधरपुर की घटना पर शाहदेव ने कहा कि राज्य सरकार और जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हैं। किसी भी प्रत्याशी को धमकी मिलना गंभीर मामला है और पुलिस इस मामले की जांच कर रही है। वहीं, झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव आलोक कुमार दुबे ने कहा कि भाजपा अपनी संभावित हार से घबराकर लोकतांत्रिक संस्थाओं और प्रशासनिक व्यवस्था पर अनावश्यक आरोप लगा रही है।


