नेशनल कुकिंग कॉन्टेस्ट में रांची की सुमोना झारखंड के व्यंजन बनाकर हुईं सेकेंड

नेशनल कुकिंग कॉन्टेस्ट ‘कहीं गुम ना हो जाएं’ के सीजन-7 का आयोजन नोएडा में हुआ। इसमें भारत की पाक कला विरासत का उत्सव मनाया गया। इंडियन कलिनरी इंस्टीट्यूट व एनसीएचएम में देश के विभिन्न राज्यों की 50 फाइनलिस्ट महिलाएं शामिल हुईं। उन्होंने लाइव कुकिंग डेमोंस्ट्रेशन के माध्यम से अपने राज्य की पाक-कला का प्रदर्शन किया। कड़ी प्रतिस्पर्धा के बाद कन्याकुमारी की फातिमा शीबा ने नेशनल विनर का खिताब जीता, वहीं फर्स्ट रनरअप झारखंड की सुमोना देब और सेकेंड रनरअप जम्मू कश्मीर की चरणजीत कौर हुईं। टॉप-3 विजेताओं को क्रमशः ₹51,000, ₹31,000 और ₹21,000 रुपए की पुरस्कार राशि प्रदान की गई। प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागी प्रियंका जैन को विशेष ज्यूरी अवॉर्ड में ₹~11,000 की पुरस्कार राशि से सम्मानित किया गया। विभिन्न श्रेणियों में भी पुरस्कार मिले। इसमें रुशत कुलकर्णी, मधुस्मिता खातुआ, सुभद्रा पटेल, अंशमीत सिंह, निलोफर सिद्दीक़ी, शिल्पा जैन आदि शामिल थे। हमारी विरासत, हमारे व्यंजन थीम पर हुई प्रतियोगिता झारखंड की स्टेट कॉर्डिनेटर श्वेता नारायण तिवारी ने बताया कि 2016 से बबीता सक्सेना ने इस कॉन्टेस्ट को शुरू किया था। उनके सपने को सेवानिवृत्त कर्नल अतुल सक्सेना आगे बढ़ा रहे हैं। इस वर्ष की थीम ‘हमारी विरासत, हमारे व्यंजन’ थी, जिसमें पारंपरिक व्यंजनों को संरक्षित करना था। प्रतियोगिता 13 राज्यों में हुई थी, जिसमें रांची में आईएचएम में आयोजन हुआ था। प्रदेश स्तर के 3 विजेता ग्रैंड फिनाले में पहुंचे। फिनाले में फूड स्पेशलिस्ट पद्मश्री पुष्पेश पंत, शेफ मंजीत गिल, डॉ. संदीप मारवाह, ज्ञान भूषण, रीना मुखर्जी, वंदना जग्गी, निशांत चौबे मौजूद थे। सेमल फूल की सब्जी बना झारखंड को रिप्रजेंट किया सुमोना देब ने ग्रैंड फिनाले के मेन कोर्स में सेमल के फूलों की सब्जी बनाई। डेजर्ट में जीरूल फूल की बर्फी और साइड डिश में सहजन के पत्तों की चटनी बनाई थी।

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