छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में एक बीजेपी नेता पर 6 किसानों से 16 लाख रुपए की ठगी का आरोप लगा है। आरोप है कि मजदूर ट्रेड यूनियन काउंसिल के राष्ट्रीय युवा मोर्चा के अध्यक्ष जयप्रकाश यादव ने मंत्री और अधिकारियों तक अपनी पहुंच का हवाला देकर अलग-अलग लोगों से सरकारी नौकरी लगवाने के नाम पर पैसे लिए। लेकिन न तो वह किसी की नौकरी लगवा सका और न ही उसने पैसे वापस किए। मामला सुपेला क्षेत्र का है। बीजेपी नेता जयप्रकाश यादव ने किसानों से उनके बच्चों को सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर पैसे लिए थे। आरोप है कि अलग-अलग पदों के लिए रेट तय था। सब इंस्पेक्टर और स्टाफ नर्स की नौकरी लगवाने के लिए 4-4 लाख रुपए लिए गए। जबकि प्यून के लिए 1 लाख और 2 लाख रुपए भी वसूले गए। किसानों ने SSP से की थी शिकायत इस मामले में किसानों ने दुर्ग SSP विजय अग्रवाल से शिकायत करते हुए आवेदन दिया था। आवेदन के आधार पर सुपेला थाना पुलिस ने 9 फरवरी को बीजेपी नेता जयप्रकाश यादव के खिलाफ धारा 420 भादवि के तहत केस दर्ज कर लिया है। बड़े नेताओं और मंत्रियों से पहचान का दिखाता था रौब मामले की शिकायत बालोद जिले के अर्जुन्दा थाना क्षेत्र के ग्राम देवगहन निवासी मिथलेश कुमार साहू ने दुर्ग एसएसपी को आवेदन देकर की थी। शिकायतकर्ता के अनुसार, जयप्रकाश यादव बड़े नेताओं और मंत्रियों से जान-पहचान होने का दावा करता था। गांव में उसका आना-जाना था और गांव के ही ओमप्रकाश सिन्हा ने उसकी पहचान कराई थी। जमीन बेचकर और लोन लेकर दिए पैसे आरोप है कि जयप्रकाश यादव ने ग्रामीण किसानों को भरोसा दिलाया कि वह उनके बच्चों को अच्छे पदों पर सरकारी नौकरी दिला सकता है। उसकी बातों में आकर कई लोगों ने अपनी कृषि भूमि तक बेच दी और केसीसी लोन निकालकर किस्तों में पैसे दिए। आरोपी ने नौकरी लगवाने का झांसा देकर रकम वसूली। 6 लोगों से 16 लाख रुपए की ठगी का आरोप शिकायत में बताया गया कि साल 2021 से 2022 के बीच कुल 6 लोगों से पैसे लिए गए। इनमें स्टाफ नर्स के लिए 4 लाख, सब इंस्पेक्टर के लिए 4 लाख और 3 लाख, प्यून के लिए 2 लाख,1 लाख, और जीडी कांस्टेबल के लिए 2 लाख रुपए शामिल हैं। इस तरह कुल 16 लाख रुपए की ठगी की गई। नौकरी नहीं लगने पर पीड़ितों ने कई बार आरोपी से पैसे वापस मांगे। शिकायतकर्ता के पास मोबाइल कॉल रिकॉर्ड, व्हाट्सएप चैट और स्क्रीनशॉट भी मौजूद हैं। इसके बावजूद आरोपी लगातार तारीख पर तारीख देता रहा और रकम वापस नहीं की।


