नौकरी के साथ पढ़ाई, UPSC में पाई 500वीं रैंक:झुंझुनूं के 3 युवाओं ने बढ़ाया मान, आशु और प्रीति भी बनी अवसर

UPSC द्वारा आयोजित सिविल सेवा परीक्षा 2025 के परिणाम में झुंझुनूं जिले के तीन युवाओं ने सफलता हासिल की है। नांद का बास गांव के साहिल सिहाग ने ऑल इंडिया 500वीं रैंक, खेतड़ी तहसील के तातीजा गांव की प्रीति जेवरिया ने 521वीं और गढ़ला कलां गांव की आशु कुमारी ने 728वीं रैंक प्राप्त की है। नौकरी और तैयारी साथ करने वाले साहिल सिहाग समेत तीनों अभ्यर्थियों की सफलता के बाद उनके गांवों में बधाई देने और मिठाई बांटने का सिलसिला शुरू हो गया। नौकरी के साथ पढ़ाई, चौथे प्रयास में मिली सफलता
नांद का बास गांव के रहने वाले साहिल सिहाग एक साधारण किसान परिवार से आते हैं। उन्होंने UPSC परीक्षा में 500वीं रैंक हासिल की है। साहिल फिलहाल गुजरात के एक थर्मल पावर प्लांट में नौकरी कर रहे हैं। नौकरी की व्यस्तता के बावजूद उन्होंने पढ़ाई जारी रखी और चौथे प्रयास में यह सफलता हासिल की। साहिल का शैक्षणिक रिकॉर्ड भी मजबूत रहा है। उन्होंने 10वीं में 90 प्रतिशत और 12वीं में 96.2 प्रतिशत अंक हासिल किए थे। 12वीं में उनके अंक प्रदेश मेरिट सूची में 9वें स्थान पर रहे थे। बीटेक के बाद वे चंडीगढ़ में अपने चाचा के घर रहकर सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी करते थे। दादा की प्रेरणा से बनाया IAS बनने का लक्ष्य
साहिल ने अपनी सफलता का श्रेय अपने दादा बनवारीलाल सिहाग को दिया है। उन्होंने बताया कि दादा के मार्गदर्शन और प्रेरणा से ही उन्होंने आईएएस बनने का लक्ष्य तय किया और उसी दिशा में लगातार मेहनत की। आशु कुमारी पहले रेलवे सेवा में चयनित
गढ़ला कलां गांव की आशु कुमारी ने इस बार UPSC परीक्षा में 728वीं रैंक हासिल की है। इससे पहले उनका चयन सिविल सेवा परीक्षा 2022 के जरिए भारतीय रेलवे प्रबंधन सेवा में हो चुका है। फिलहाल वे ट्रैफिक विभाग में प्रशिक्षण ले रही हैं। आशु कुमारी ने अपनी सफलता का श्रेय माता संतोष देवी, पिता मनफूल सिंह और पूरे परिवार के सहयोग को दिया है। उनके चयन के बाद गांव में लोगों ने बधाई दी और मिठाई बांटी। प्रीति जेवरिया को मिली 521वीं रैंक
खेतड़ी तहसील के तातीजा गांव की प्रीति जेवरिया ने UPSC परीक्षा में 521वीं रैंक हासिल की है। उनके पिता थावरमल जेवरिया शिक्षक हैं जबकि माता गीता देवी चिकित्सा विभाग में कार्यरत हैं। प्रीति ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से गणित ऑनर्स में बीएससी की पढ़ाई की है। उन्होंने अपनी सफलता के लिए माता-पिता और गुरुजनों के प्रोत्साहन को सबसे महत्वपूर्ण बताया। तीनों गांवों में बधाई देने वालों की भीड़
परिणाम घोषित होने के बाद से ही झुंझुनूं जिले के इन तीनों गांवों में लोगों का आना-जाना लगा हुआ है। ग्रामीणों ने मिठाई बांटकर खुशी जताई और कहा कि इन युवाओं ने अपने परिवार के साथ जिले का नाम भी रोशन किया है।

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