दतिया में कृषि विभाग में नौकरी दिलाने का झांसा देकर एक महिला से 11 लाख 29 हजार रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। पीड़िता की शिकायत पर कोतवाली थाना पुलिस ने नीरज तोमर और अल्पना सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। झांसी के मेवातीपुरा निवासी 45 वर्षीय रानी खटीक ने बताया कि वह पहले दतिया के डगरई टोल के पास स्थित एक एनजीओ में काम कर चुकी हैं। इसी दौरान उनकी पहचान नीरज तोमर से हुई थी। जान-पहचान का फायदा उठाते हुए नीरज ने उनकी दोनों बेटियों शिवानी (25) और शिखा (23) को कृषि विभाग में नौकरी दिलाने का दावा किया। गारंटी के नाम पर मांगी रकम आरोप है कि नीरज तोमर ने खुद को प्रभावशाली संपर्कों से जुड़ा बताते हुए कहा कि नौकरी पक्की कराने के लिए गारंटी के तौर पर पैसे जमा कराने होंगे, जो बाद में लौटा दिए जाएंगे। भरोसा कर महिला ने अलग-अलग तारीखों में कुल 11 लाख 29 हजार रुपए दे दिए। नकद और ऑनलाइन दोनों माध्यमों से भुगतान शिकायत के अनुसार, 8 लाख 5 हजार रुपए नकद और 3 लाख 24 हजार रुपए फोन-पे (यूपीआई) के जरिए दिए गए। नकद रकम झांसी चुंगी और वीकेडी चौराहे जैसे सार्वजनिक स्थानों पर सौंपी गई, जबकि ऑनलाइन ट्रांजैक्शन बेटी शिवानी के मोबाइल से किए गए। कुछ रकम बाद में लौटाई गई, लेकिन समायोजन के बाद भी 11.29 लाख रुपए नीरज तोमर के पास ही चले गए। नियुक्ति पत्र का झांसा देकर टालमटोल
पीड़िता का कहना है कि पैसे लेने के बाद आरोपियों ने बार-बार “नियुक्ति पत्र आने वाला है” कहकर टालमटोल की। जब पैसे वापस मांगे गए तो नए-नए बहाने बनाए गए और दोबारा रकम की मांग शुरू हो गई। इस दौरान अल्पना सिंह भी फोन पर आश्वासन देती रही, जिससे महिला का भरोसा बना रहा। इस संबंध में दतिया के कोतवाली थाना प्रभारी टीआई धीरेंद्र मिश्रा ने बताया कि प्रारंभिक जांच में दोनों आरोपियों द्वारा साजिशन नौकरी का झांसा देकर धोखाधड़ी करना सामने आया है। संबंधित धाराओं में प्रकरण दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।


