बदलाव – प्रदेश में 5 दिन के दौरान 34.6 मिमी बारिश, जो सामान्य बारिश से 9 गुना ज्यादा प्रदेश में नौतपे की तपिश इस बार नहीं हो रही है। वजह- पारा चढ़ते ही बारिश का होना है। इस बीच, अच्छी खबर है। मानसून महाराष्ट्र के रास्ते दंतेवाड़ा में प्रवेश कर गया है। यानी तय तारीख के 12 दिन पहले ही छत्तीसगढ़ में मानसून ने उपस्थिति दर्ज करा दी है। छत्तीसगढ़ में 5 दिन में 34.6 मिमी बारिश हुई, जो सामान्य बारिश से 9 गुना ज्यादा है।
मौसम विभाग ने बुधवार को घोषणा कि आमतौर पर मानसून 10 जून तक आता है। इस बार 28 मई को ही दंतेवाड़ा को पार कर गया है। मानसून की पहली बारिश से बस्तर संभाग भीग रहा है। इस बीच, रायपुर में भी बुधवार दोपहर गर्मी के बीच कई इलाकों में हल्की बारिश हुई। आने वाले अगले चौबीस घंटे में प्रदेश के ज्यादातर जिलों में बारिश हो सकती है। 29 जिलों में अलर्ट जारी किया है।
साथ ही गरज-चमक के साथ बिजली गिर सकती है। बस्तर संभाग के कोंडागांव जिले में इस साल समय से पहले आई भारी बारिश और तेज आंधियों ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है।
पांच दिनों में सामान्य से 6 गुना ज्यादा बारिश : छत्तीसगढ़ में नौतपे के बीच पिछले पांच दिनों में लगभग 2,840 मिलीमीटर पानी बरस चुका है, जो मई में होने वाली सामान्य बारिश से लगभग 6 गुना ज्यादा है। मई में बारिश का सामान्य कोटा 430 मिमी से 450 मिमी के आसपास रहता है, लेकिन इस बार बारिश ज्यादा है। छत्तीसगढ़ में आमतौर पर नौतपा में भीषण गर्मी पड़ती है, लेकिन इस बार मौसम बदला-बदला हुआ है। पिछले एक सप्ताह से यहां गर्मी तो नहीं पड़ी, उमस जरूर बनी हुई है। बीच-बीच में लगातार बारिश भी हो रही है। 2024 में मौसम विभाग ने छत्तीसगढ़ में मानसून के दस्तक देने की संभावना 12 से 15 जून के बीच जताई गई थी, पर 8 जून को सुकमा में पहुंच गया।
2023 में छत्तीसगढ़ में मानसून 21 जून को बस्तर में प्रवेश किया, 22 जून तक अंबिकापुर में पहुंचा था। आखिरी में पहुंचेगा सरगुजा : आमतौर पर बस्तर से प्रवेश करने वाला मानसून कांकेर, दुर्ग, रायपुर, बिलासपुर होते हुए सबसे आखिरी में सरगुजा, जशपुर पहुंचता है, क्योंकि यह राज्य के उत्तर पूर्वी हिस्से में स्थित है और झारखंड और ओडिशा से लगा हुआ है।


