नौ दिनों से दो हाथी कर रहा गांव में विचरण ग्रामवासी डर के साये में  गुजार रहे रात ग्रामीणों के घरों को पहुंचाया नुकसान

नौ दिनों से दो हाथी कर रहा गांव में विचरण ग्रामवासी डर के साये में  गुजार रहे रात
ग्रामीणों के घरों को पहुंचाया नुकसान
अनूपपुर।
विगत 9 दिन पूर्व छत्तीसगढ़ राज्य से मध्यप्रदेश के अनूपपुर जिला अंतर्गत जैतहरी तहसील, थाना, जनपद पंचायत जैतहरी एवं वन परिक्षेत्र अनूपपुर के औढेरा बीट अंतर्गत ग्राम पंचायत बैहार के दोखवाटोला में विगत दो दिनों से दोनों नर हाथियों द्वारा दिन में जंगल में ठहरने/विश्राम करने बाद रात होते ही गांव में घुसकर ग्रामीणों के घरों में तोड़-फोड़ कर एवं खेतों में लगी विभिन्न तरह की फसलों,सब्जियों को अपना आहार बना रहे हैं हाथियों के निरंतर विचरण के कारण ग्रामीण जन पक्के मकानो की छतो में ठहर कर रात-रात भर जाग रहे हैं जबकि हाथियों को गांव, मोहल्ला से भगाने का प्रयास कर रहे हैं सुबह होते ही दोनो हाथी आज तीसरे दिन बुधवार को बैहार के ही नीचे जंगल में डेरा जमाए हुए हैं। दोनों हाथियों द्वारा सोमवार, मंगलवार एवं बुधवार के दिन-रात को दो दिनों तक ग्राम पंचायत बैहार के ग्राम बैहार के दुखवाटोला के नीचे स्थित जंगल में पूरे दिन ठहरने एवं विश्राम करने बाद रात होते ही पगडंडी रास्तों से अचानक दुखवाटोला मोहल्ला में प्रवेश कर बैगा जनजाति बहुल्य ग्रामीणो के कच्चे एवं पक्के मकान जिसमें विभिन्न तरह के अनाज रखे हुए हैं में अचानक पहुंच कर तोड़-फोड़ कर घरों के अंदर रखें अनाजों को खाते हुए खेत एवं बांड़ी में लगे विभिन्न प्रकार के फसलों,सब्जियो को भी अपना आहार बना रहे हैं विगत दो दिनों के मध्य अनेको कच्चे एवं पक्के घरों एवं खेत-बांडियों का नुकसान किया है वनविभाग एवं ग्रामीणों द्वारा विभिन्न तरह की तकनीक को अपना कर हाथियों को गांव से बाहर करने की कोशिश दोनों दिन पूरी रात किए जाने के बाद भी प्रवासी मेहमान हाथी रात भर विचरण करने के बाद ही अपने नियत समय पर अपनी ही मर्जी से गांव से बाहर जंगलों में विश्राम करने चले जाते हैं आज तीसरे दिन भी दोनों हाथी इस मोहल्ले के नीचे स्थित जंगल में पहुंचकर विश्राम कर रहे हैं हाथियों के निरंतर मोहल्ला में आने के कारण ग्रामीण जन परेशान एवं भयभीत हैं जिसके कारण मोहल्ले के वृद्ध,महिलाएं एवं बच्चे प्रधानमंत्री आवास के तहत बनाए गए अनेकों आवासों की छतों पर पननी से तंबू लगाकर रात-रात भर जाग कर रात बिताने को बाध्य है वहीं ग्रामीण पुरुष, ग्राम पंचायत के सरपंच एवं वनविभाग की गश्ती दल के साथ हाथियों को भागने की कोशिश करते हैं लेकिन दोनों हाथी सभी को चकमा देते हुए रात में कई बार झाडियों,अरहर के खेतों पेड़ों के पीछे अपने को छुपा कर कुछ घंटे ठहरने बाद फिर से अचानक मोहल्ले में खाने को आ जाते हैं इसी तरह का क्रम पूरी रात चलने के कारण प्रभावित गांव,मोहल्ला के साथ आसपास के दर्जनों ग्रामों के ग्रामीण हाथियों के दहशत के कारण रात रात भर जागकर हाथियों के विचरण की सूचनाएं ले रहे हैं हाथियों के साथ किसी भी तरह की दुर्घटना ना हो इसे देखते हुए शासन स्तर से जारी निर्देशानुसार हाथियों के विचरण की स्थिति को देखते हुए प्रभावित क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति पूरी रात बंद रखी जा रही है,हाथी गश्ती दल रात में हाथियों पर नजर बनाए रखते हुए ग्रामीणों को भी सतर्क रहने हाथियों के नजदीक नहीं जाने देने की कोशिश करता रहता है जिसके कारण ग्रामीण एवं वनविभाग,पुलिस विभाग के अधिकारियों/कर्मचारियों के साथ ग्रामीणों के बीच में कहा सुनी तक की स्थिति निर्मित हो जाती है राजस्व विभाग के पटवारी द्वारा हाथियों के द्वारा किए जा रहे नुकसान का सर्वे कर मुआवजा प्रकरण ग्राम पंचायत के सरपंच एवं कर्मचारियों के साथ मिल कर तैयार कर रहे हैं।

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