पंचकल्याण महोत्सव में शामिल हुए कर्नाटक के राज्यपाल गेहलोत:बोले- यहां अहिंसा और संयम के मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिलती है

पंचकल्याणक महोत्सव जैन धर्म में एक विशेष धार्मिक अनुष्ठान और उत्सव है, जो तीर्थंकर भगवान के जीवन के पांच महत्वपूर्ण चरणों के माध्यम से हमें धर्म और मोक्ष के पथ पर चलने की प्रेरणा देता है। यह महोत्सव हमें भगवान की शिक्षा को आत्मसात करने, आत्मा की दिव्यता को पहचानने और धर्म, करुणा, अहिंसा और संयम के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। यह बात कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गेहलोत ने रविवार को रतलाम में कहीं। राज्यपाल गेहलोत श्री आदिनाथ कुंदकुंद कहान दिगंबर जैन मंदिर पारमार्थिक समिति द्वारा सागोद रोड स्थित ऋषभ धाम में आयोजित पंचकल्याणक महोत्सव के जन्म कल्याण महोत्सव में शामिल हुए। मंत्री काश्यप बोले- भारतीय संस्कृति में पर्यावरण संरक्षण की परंपरा
प्रदेश के कैबिनेट मंत्री चेतन्य काश्यप ने कहा कि हमारी सांस्कृतिक परंपरा अति प्राचीन है जो वसुदेव कुटुंबकम् के दर्शन और ध्यान पर केंद्रित होकरसर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे संतु निरामया एवं जियो और जीने दो की भावना से प्रेरित है। भारतीय संस्कृति में पर्यावरण संरक्षण की प्राचीन परंपरा है। हम वृक्ष, जल, भूमि और जीव जंतुओं की पूजा करते हैं। प्रकृति और पर्यावरण की रक्षा करना हर व्यक्ति का कर्तव्य है। इस दौरान मनासा विधायक अनिरुद्ध माधव मारू, महापौर प्रहलाद पटेल, कलेक्टर राजेश बाथम, डीआईजी मनोज सिंह, एसपी अमित कुमार आदि मौजूद रहे। राज्यपाल गहलोत, मंत्री काश्यप व अधिकारियों को स्मृति चिन्ह देकर महोत्सव समिति के अध्यक्ष राजकुमार अजमेरा, सचिव जिनेंद्र जैन, सुशील अजमेरा, गौरव अजमेरा, मुकेश मोठिया, कीर्ति बड़जात्या, महेंद्र अजमेरा ने सम्मान किया। जयघोष के साथ मनाई खुशियां
सागोद रोड स्थित बनी शौरीपुर नगरी बाल तीर्थंकर नेमीनाथ के मंगलकारी जन्मकल्याणक महोत्सव की खुशियां जय घोष से गुंजायमान हो उठी। पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव के तृतीय दिवस जन्मकल्याणक महोत्सव को सकल जैन समाज के साथ हजारों जैन बंधुओं ने भक्ति भाव पूर्वक मनाया। शौरीपुर नगरी में शांति जाप, जिनेन्द्र पूजन एवं गुरु देवश्री के साथ पंडित श्री देवेंद्र कुमार शास्त्री बिजौलिया, डॉ. विवेक जैन छिंदवाड़ा, ब्रह्मचारी श्रेणिक जैन जबलपुर एवं डॉ. मनीष शास्त्री मेरठ के मंगल प्रवचनों का लाभ लिया। इसके पहले जन्म कल्याणक शोभा यात्रा निकाली गई। मुंबई से आई सीमा विनय पाटनी द्वारा 22 वें तीर्थंकर के जन्मोत्सव पर 22 कलशों के माध्यम से भवाई नृत्य प्रस्तुत किया। रत्नत्रय तीर्थ ध्रुव धाम बांसवाड़ा के विद्यार्थियों ने जन्मकल्याणक पर नृत्यगान प्रस्तुत किया। सभा का संचालन पंडित संजय शास्त्री जेबर कोटा ने किया। कल मनेगा तप कल्याणक महोत्सव
महोत्सव मीडिया प्रभारी राकेश पोरवाल व दीपक राज जैन ने बताया कि पौष शुक्ल पूर्णिमा सोमवार के शुभ दिन विविध अनुष्ठानों के साथ तप कल्याणक महोत्सव मनाया जाएगा। देखिए तस्वीरें…

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