विश्व प्रसिद्ध पंजाबी गायक मलकित सिंह अमृतसर जिले के सचखंड श्री दरबार साहिब पहुंचे। जहां उन्होंने गुरु घर में मत्था टेका और कलाकारों से विनम्रता अपनाने की अपील की। गायक ने बैसाखी के आसपास अपनी नई पंजाबी फिल्म रिलीज होने की भी घोषणा की। मीडिया से बातचीत में मलकित सिंह ने कहा कि दरबार साहिब आकर जो आध्यात्मिक शांति मिलती है, वह दुनिया में कहीं और नहीं मिल सकती। उन्होंने बताया कि जब भी वे पंजाब आते हैं, गुरु चरणों में हाजिरी अवश्य भरते हैं। मलकित सिंह ने वीआईपी संस्कृति पर टिप्पणी करते हुए कलाकारों को विनम्रता अपनाने की सलाह दी।
गुरु घर में हमेशा साधारण सिख की तरह आना चाहिए गायक ने कहा कि गुरु घर में हमेशा एक साधारण सिख की तरह आना चाहिए। उन्होंने दरबार साहिब के अंदर काले चश्मे पहनने को अनुचित बताया और कहा कि यहां झुककर आने वाला ही कुछ प्राप्त करता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे कभी भी गुरु घर में बाउंसरों या सुरक्षा कर्मियों के घेरे में आना पसंद नहीं करते। पंजाबी सिनेमा और संगीत के स्तर पर की चर्चा पंजाबी सिनेमा और संगीत के स्तर पर चर्चा करते हुए मलकित सिंह ने कहा कि आज पंजाबी फिल्में बॉलीवुड के बराबर अपना स्तर स्थापित कर चुकी हैं। उन्होंने बताया कि उनकी नई पंजाबी फिल्म बैसाखी के आसपास रिलीज होगी, जिसकी शूटिंग लंदन, न्यूयॉर्क और भारत के विभिन्न स्थानों पर की गई है। उ अलग विषयों पर काम करने की अपील की उन्होंने फिल्म निर्माताओं से एक जैसी कहानियों की बजाय नए और अलग विषयों पर काम करने की अपील की। मलकित सिंह ने सभी संगतों को होला मोहल्ला की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि विदेशी कार्यक्रमों के कारण उन्हें जल्द वापस जाना पड़ रहा है, लेकिन उनका दिल हमेशा पंजाब की धरती और विरासत से जुड़ा रहता है। उन्होंने अपने हाल ही में रिलीज हुए गीत ‘की खानी ओ’ का जिक्र करते हुए श्रोताओं से साफ-सुथरी गायकी को समर्थन देने का आग्रह किया।


