पंजाब कांग्रेस की गुटबाजी पर प्रभारी की सफाई:सभी नेताओं में समन्वय सराहनीय, पहले प्रधान बदलने की अटकलों को अफवाह कहा था

पंजाब कांग्रेस के नेताओं में गुटबाजी जारी है। पिछले एक साल से नवजोत सिंह सिद्धू समेत कई नेता पार्टी से दूरी बनाए हुए हैं, जबकि कुछ मौजूदा नेता प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग से असंतुष्ट बताए जा रहे हैं। इसी बीच, कांग्रेस की एकता को लेकर नव-नियुक्त प्रभारी और छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सफाई दी है। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा, “पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष, विपक्ष के नेता और पंजाब के सभी वरिष्ठ नेताओं के बीच समन्वय सराहनीय है। मुझे विश्वास है कि पंजाब का यह समन्वय आने वाले दिनों में अन्य राज्यों के लिए भी उदाहरण बनेगा।” ऐसे शुरू हुआ यह था विवाद जानकारी के मुताबिक, यह पोस्ट उस समय आई जब वे हाल ही में पंजाब दौरे से लौटे थे। उन्होंने सभी नेताओं और जिला अध्यक्षों से चंडीगढ़ में बैठक भी की थी। 25 फरवरी को मीडिया से बातचीत में उन्होंने बताया कि पीपीसीसी से लेकर बूथ स्तर तक नई समितियों के गठन और सहयोगी संगठनों को सशक्त करने की रणनीति बनाई गई है। आगामी बैठकों में प्रदेश के महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होगी, जिसमें जनता के बीच पहुंचने और जनसमर्थन बढ़ाने के तरीकों पर विचार किया जाएगा। 24 फरवरी को कांग्रेस अध्यक्ष बदले जाने की अटकलों पर बघेल ने स्पष्ट किया था कि फिलहाल ऐसा कोई विचार नहीं है। उन्होंने कहा, “ये सब अफवाहें हैं और इनमें कोई दम नहीं है। कांग्रेस में किसी भी बदलाव का फैसला हाईकमान लेता है।” उनके इस बयान से पार्टी में चल रही चर्चाओं पर विराम लगने की उम्मीद है। विक्ट्री साइन पीछे की क्या कहानी दरअसल, आज मीडिया में चर्चा थी कि कांग्रेस हाईकमान को एक रिपोर्ट भेजी गई है, जिसमें पार्टी में चल रही गुटबाजी समेत कई बिंदुओं को शामिल किया गया है। हालांकि, पार्टी ने इन खबरों को गलत बताते हुए कहा कि अफवाहें फैलाई जा रही हैं। इसी बीच, अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने अपने फेसबुक अकाउंट पर एक पोस्ट शेयर की, जिसमें उन्होंने कोई कैप्शन नहीं दिया था, सिर्फ एक विक्ट्री साइन था। अब इसे लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं। हालांकि, इस पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है

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