पंजाब के गवर्नर व चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया आज दिल्ली में हैं। उन्होंने रक्षामंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की है। यह मुलाकात उस समय हुई, जब नशे के खिलाफ राज्यपाल पंजाब के बॉर्डर जिलों में पदयात्रा निकालकर आए हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि इस दौरान उन्होंने बॉर्डर एरिया के मुद्दे उठाए होंगे। मुलाकात संबंधी तस्वीर रक्षामंत्री कार्यालय की तरफ से जारी की गई है। 9 से 12 तक किया बार्डर एरिया दौरा पंजाब के गवर्नर ने 9 फरवरी से लेकर 12 फरवरी तक पंजाब के सीमावर्ती जिलों का दौरा किया। उन्होंने इस दौरान नशा मुक्ति के लिए पदयात्रा निकाली। इसमें कई समाजसेवी संस्थाएं और राजनीतिक दलों के लोग शामिल हुए हैं। खासकर बीजेपी और शिरोमणि अकाली दल के नेता एक मंच पर आए, जिससे पंजाब की सियासत गर्माई। हालांकि दौरे के बाद गवर्नर ने यह माना है कि पंजाब सरकार द्वारा चलाए जा रहे युद्ध नशों के विरुद्ध मुहिम के सार्थक नतीजे सामने आए हैं। नशों में कमी आई है।
सीमा पार से हथियार व नशा तस्करी बड़ा इश्यू पंजाब का सीमावर्ती इलाका, जो पाकिस्तान से लगता है, वह कई गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहा है। सबसे बड़ी समस्या नशा तस्करी की है, जिसमें ड्रोन और अन्य तरीकों से हेरोइन व नशीले पदार्थ सीमा पार से भेजे जाते हैं। इसके साथ ही अवैध हथियारों की तस्करी भी सुरक्षा एजेंसियों के लिए चिंता का विषय है, क्योंकि ये हथियार आपराधिक और आतंकी नेटवर्क तक पहुंचते हैं। हाल के वर्षों में ड्रोन गतिविधियां तेजी से बढ़ी हैं, जिससे सीमा सुरक्षा और जटिल हो गई है। घुसपैठ और संदिग्ध गतिविधियों की आशंका के चलते सुरक्षा बलों की तैनाती अधिक रहती है।
दूसरी ओर, सीमा पर फेंसिंग के पार किसानों की जमीन होने से उन्हें खेती के लिए विशेष अनुमति लेकर जाना पड़ता है, जिससे उन्हें समय और प्रक्रिया संबंधी दिक्कतें आती हैं। इसके अलावा कई गांवों में सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं का अपेक्षित विकास नहीं हो पाया है।


