पंजाब के फिरोजपुर में भारत-पाकिस्तान बॉर्डर से पकड़ा गया BSF का जवान 72 घंटे बाद भी पाकिस्तानी रेंजर्स के कब्जे में है। 3 फ्लैग मीटिंग के बाद भी उनकी रिहाई नहीं हुई। पाकिस्तानी अधिकारियों ने जवान को छोड़ने से इनकार कर दिया है। उन्होंने कहा कि जब तक हाईकमांड से आदेश नहीं मिलता, तब तक वे जवान को रिहा नहीं करेंगे। उधर, शुक्रवार शाम को जवान को छुड़ाने के लिए BSF के डायरेक्टर जनरल दलजीत सिंह चौधरी (DG) ने केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन से बात की है। जवान पीके साहू के भाई श्याम सुंदर साहू ने केंद्रीय सरकार से भाई को छुड़वाने में मदद करने की अपील की है। पहलगाम आतंकी हमले के बाद दोनों देशों में तनाव के कारण पीके सिंह की रिहाई में देरी हो रही है। जवान पीके सिंह की मां देवंती देबी साहू और पिता भोलेनाथ साहू ने कहा- हमारा बेटा सुरक्षित घर आ जाना चाहिए। उसकी पत्नी रजनी साहू का रो-रो कर बुरा हाल है। ध्यान रखना कि उसे टॉर्चर ना किया जाए। पीके साहू की पत्नी रजनी साहू ने कहा, “मैंने उनसे आखिरी बार मंगलवार (22 अप्रैल) रात को बात की थी। मैं बस यही चाहती हूं कि वे जल्द ही घर लौट आएं।” BSF जवान के मामले में अब तक क्या-क्या हुआ… 31 मार्च को ड्यूटी पर लौटे थे साहू, पत्नी हुई बेसुध
40 साल पीके साहू कोलकाता के हुगली के रहने वाले हैं। घर से छुट्टी बिताने के बाद 31 मार्च को ड्यूटी पर लौटे थे। साहू के परिवार के सदस्यों के अनुसार, वह BSF में 17 साल से हैं और अपने माता-पिता, पत्नी और 7 साल के बेटे के साथ रहते हैं। इस घटना से परिवार गहरे सदमे में है। खबर मिलने के बाद से उनकी पत्नी रजनी साहू बेसुध हैं। पत्नी रजनी साहू ने कहा, “उनके एक सहकर्मी ने हमें फोन करके बताया कि उन्हें ड्यूटी के दौरान पकड़ लिया गया है। ——————— ये खबर भी पढ़ें… पहलगाम आतंकी हमले के बाद पंजाब में हाई अलर्ट: पाकिस्तान से सटे बॉर्डरों पर BSF की टीमें लगाईं, ड्रोन से निगरानी रखी जा रही जम्मू कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद पंजाब से सटे पाकिस्तान के बॉर्डरों पर हाई अलर्ट जारी किया गया है। खुफिया एजेंसियों को मिले आतंकी गतिविधियों के इनपुट के बाद सभी जगह सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने अपनी क्विक रिएक्शन टीमों (QRT) को सक्रिय किया है। पूरी खबर पढ़ें…


