पंजाब में अब 852 सरकारी स्कूलों की बदलेगी तस्वीर, सरकार ने 17.44 करोड़ रु. मंजूर किए

भास्कर न्यूज | बठिंडा पंजाब के सरकारी स्कूलों की पहचान अब सिर्फ ईंट-पत्थर और फीकी दीवारों तक सीमित नहीं रहेगी। पंजाब सरकार ने शिक्षा व्यवस्था को सशक्त, आधुनिक और आकर्षक बनाने की दिशा में बड़ा निर्णय लिया है। वर्ष 2025-26 में प्रदेश के 852 सरकारी स्कूलों में सौंदर्यीकरण अभियान चलाया जाएगा, जिसके लिए सरकार ने 17.44 करोड़ रुपए मंजूर किए हैं। यह अब तक का पंजाब का सबसे बड़ा स्कूल सौंदर्यीकरण प्रोजेक्ट माना जा रहा है। इस योजना के तहत स्कूल भवनों में व्हाइटवॉश, नई पेंटिंग और वैज्ञानिक तरीके से कलर कोडिंग की जाएगी। खास बात ये है कि रंगों का चयन केवल सुंदरता के लिए नहीं, बल्कि बच्चों के मानसिक विकास, एकाग्रता और सीखने की क्षमता को ध्यान में रखकर किया गया है। कक्षाओं, बरामदों, शौचालयों और अन्य हिस्सों में अलग-अलग रंगों का उपयोग कर उन्हें भी अधिक उपयोगी बनाया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य सरकारी स्कूलों को बच्चों के अनुकूल और स्वच्छ बनाना है। अब स्कूलों की दीवारें सिर्फ खामोश नहीं रहेंगी। कक्षाओं में बच्चों की आंखों को सुकून देने वाले हल्के रंग की दीवारें होंगी। दीवारों पर ब्रोन्ज मिस्ट कलर कोड जेके 6470 ए करवाई जाएगी। ऊपर की दीवारें सी ओट्स कलर कोड जेके 6466 टी रंग में कराई जाएंगी। बरामदों में जीवंत और ऊर्जा से भरपूर शेड्स नीचे की तरफ रैपसॉडी कलर कोड जेके 5644 ए और ऊपर की दीवारों पर एग कस्टर्ड कलर कोड जेके 5228 टी करवाया जाएगा। इसी तरह दरवाजे-खिड़कियां, ग्रिल और सीढ़ियों पर वॉटर बेस्ड एनेमल, वार्निश या सिंथेटिक पेंट तकनीकी मानकों के अनुसार करवाया जाएगा। सरकार ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी स्कूलों में केवल मानक रंगों का ही उपयोग किया जाएगा। पेंट से पहले भवनों की मरम्मत, दरार भराई और नमी नियंत्रण अनिवार्य किया गया है। स्पष्ट निर्देश हैं कि रंगों में मनमानी नहीं चलेगी। आप भी जानिए, किस जिले को कितना बजट… इस महत्त्वाकांक्षी योजना में संगरूर जिला सबसे आगे है। वहां 102 स्कूलों पर करीब 2.04 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके अलावा अमृतसर में 84 स्कूल पर 1.58 करोड़, लुधियाना में 70 स्कूल पर 1.50 करोड़, पटियाला में 63 स्कूल पर 1.49 करोड़, बठिंडा में 43 स्कूल पर 76.02 लाख रुपए खर्च होंगे। पूरे राज्य में 124 हाई स्कूल, 25 मिडिल स्कूल और 703 सीनियर सेकंडरी स्कूल इस योजना के तहत शामिल किए गए हैं। मकसद- बच्चों में स्कूल के प्रति रुचि बढ़े… रंगीन और सुव्यवस्थित स्कूल वातावरण से बच्चों में स्कूल आने की रुचि बढ़ेगी, पढ़ाई के प्रति सकारात्मक सोच विकसित होगी और ड्रॉप-आउट दर में कमी आएगी। सरकार का मानना है कि जब स्कूल आकर्षक होंगे, तो अभिभावकों का भरोसा भी बढ़ेगा और सरकारी स्कूलों में नामांकन में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। साथ ही, यह अभियान सरकारी और निजी स्कूलों के बीच के अंतर को कम करने में भी अहम भूमिका निभाएगा। आने वाले महीनों में पंजाब के सरकारी स्कूल केवल पढ़ाई के केंद्र नहीं, बल्कि रंगों, रचनात्मकता और सकारात्मक ऊर्जा से भरे आधुनिक शिक्षण परिसर के रूप में नजर आएंगे, जहां हर बच्चा खुद को सुरक्षित, खुश और प्रेरित महसूस करेगा।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *