पंजाब में आरटीए दफ्तरों में विजिलेंस की छापेमारी:16 FIR दर्ज कर 24 आरोपी गिरफ्तार किए, ड्राइविंग लाइसेंस व सेवाओं के बदले लेते थे रिश्वत

पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने पूरे राज्य में आज (7 अप्रैल को) रीजनल ट्रांसपोर्ट अथारिटी (आरटीए) के दफ्तरों और ड्राइविंग टेस्ट केंद्रों पर छापेमारी की। इस दौरान रिश्वतखोरी और अन्य खामियों में शामिल 24 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया। इस दौरान कुल 16 FIR दर्ज की गईं और अधिकारियों ने एजेंटों से 40 हजार 900 रुपए नकद बरामद किए। सरकार ने दावा किया है यह राशि ड्राइविंग लाइसेंस, टेस्ट व अन्य सेवाएं दिलवाने के एवज में वसूलते थे। CM हेल्पलाइन पर आ रही थी शिकायतें सीएम की भ्रष्टाचार विरोधी एक्शन लाइन पर मिली कई शिकायतों के बाद यह छापेमारी की गई। फ्लाइंग स्क्वॉड और आर्थिक अपराध शाखा (EOW) समेत विजिलेंस ब्यूरो की विभिन्न रेंजों ने यह कार्रवाई की। जिन RTA अधिकारियों और एजेंटों को पकड़ा गया है, वे ड्राइविंग लाइसेंस प्रक्रिया में तेजी लाने या टेस्ट के नतीजों में गड़बड़ी करने के एवज में अवैध रूप से पैसे वसूल रहे थे। मोहाली से लेकर होशियारपुर तक रिश्वत का खेल गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों में मोहाली का एक निजी एजेंट सुखविंदर सिंह भी शामिल है, जिसे ड्राइविंग लाइसेंस की सुविधा देने और टेस्ट की स्वीकृति को यकीनी करने के बदले 5,000 रुपए की रिश्वत के हिस्से के रूप में 2,500 रुपए लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया। फतेहगढ़ साहिब में एक और एजेंट परमजीत सिंह को भी इसी तरह की अवैध सेवाओं के लिए 5,000 रुपए लेते हुए पकड़ा गया। लुधियाना में ईओडब्ल्यू यूनिट ने तीन व्यक्तियों पंकज अरोड़ा उर्फ सनी, दीपक कुमार और मनीष कुमार को 1,500 रुपए से 3,500 रुपए तक की रिश्वत मांगने के आरोप में हिरासत में लिया। लुधियाना विजिलेंस ब्यूरो रेंज ने तौसीफ अहमद अंसारी और हनी अरोड़ा नामक दो अन्य एजेंटों को भी लाइसेंस प्राप्त करने के लिए क्रमशः 7,000 रुपए और 5,500 रुपए की रिश्वत वसूलने के आरोप में गिरफ्तार किया। जालंधर में मोहित कुमार और विजय कुमार को फास्ट-ट्रैक ड्राइविंग टेस्ट अपॉइंटमेंट दिलवाने के लिए 2,000 रुपए लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया। होशियारपुर में अशोक कुमार को बिना असली ट्रायल के टेस्ट पास कराने के एवज में 5,000 रुपए लेते हुए पकड़ा गया। कपूरथला में एजेंट शेर अमरीक सिंह को 12,000 रुपए नकद के साथ पकड़ा गया, जिससे आरटीए अधिकारियों से उसकी मिलीभगत का शक पैदा हुआ।

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