पेप्सू रोड ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन(PRTC) की बसों को पेंट करने का एक वीडियो सोशल मीडिया प्लेट फार्म पर वायरल हुआ तो विपक्ष ने पंजाब सरकार को घेरना शुरू कर दिया। वीडियो के मुताबिक पीआरटीसी की बसों का नया रंग पीला और नीला किया जा रहा है। पीआरटीसी की बसों का कलर अभी ग्रे व ब्लू का कंबीनेशन है जो कि लंबे समय से चलता आ रहा है। अब जो कलर वीडियो में दिख रहा है उसमें ग्रे की जगह पीला है और नीले रंग को डार्क किया जा रहा है। विपक्ष का आरोप है कि आम आदमी पार्टी ने अपनी पार्टी के प्रचार के लिए पीआरटीसी की बसों का कलर भी झंडे जैसा करना शुरू कर दिया। शिरोमणि अकाली दल व भारतीय जनता पार्टी ने सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट करके सरकार को कटघरे में खड़ा किया है। मजीठिया बोले, आप वाले पीली पैंट नीली शर्ट में दिखेंगे अकाली नेता व पूर्व कैबिनेट मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया ने पंजाब सरकार पर कटाक्ष किया है। मजीठिया ने कहा कि आम आदमी पार्टी ने पिछले चार साल में राजीतिक हितों व पार्टी प्रचार के लिए पंजाब के सरकारी खजाने का दुपरुपयोग किया है। उन्होंने कहा कि पहले सरकारी स्कूलों और अस्पतालों को आम आदमी पार्टी के झंडे वाले नीले और पीले रंगों से रंगा गया था। अब PRTC की बसों को भी AAP के झंडे के रंगों में रंगा जा रहा है। मजीठिया ने लिखा है कि भगवंत मान जी, क्या यह वही ‘इंकलाब’ है जिसका आपने पंजाबियों से वादा किया था? वह दिन भी दूर नहीं जब ‘आप’ के नेताओं और कार्यकर्ताओं को भी नीली शर्ट और पीली पैंट पहनने के आदेश जारी कर दिए जाएंगे। अब आम आदमी पार्टी नहीं, बल्कि “AAP- Always Advertising Party” बन गई है। यह पंजाब की संपत्ति है आप की निजी जायदाद नहीं: भाजपा भारतीय जनता पार्टी ने भी पीआरटीसी की बसों के रंग बदलने वाला वीडियो शेयर करते हुए सरकार को घेरा है। भाजपा ने अपने सोशल मीडिया पेज पर लिखा है कि स्कूलों और अस्पतालों के बाद अब झाड़ू वालों ने पंजाब की सरकारी बसों पर भी पार्टी के झंडे जैसा रंग करवाना शुरू कर दिया है। झाड़ू वालो, यह पंजाब की संपत्ति है, आपकी निजी जायदाद नहीं। स्कूलों व अस्पतालों का रंग बदलने पर भी विपक्षियों ने घेरा था पूर्व ओलंपियन और कांग्रेस विधायक परगट सिंह ने स्कूलों व अस्पतालों के कलर को बदलने पर आम आदमी पार्टी सरकार को घेरा था। परगट सिंह का आरोप था कि सरकार जनहित के पैसों का इस्तेमाल अपनी पार्टी की ब्रांडिंग के लिए कर रही है। उन्होंने कहा था कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि सरकारी संपत्तियों को किसी विशेष राजनीतिक दल के कार्यालय की तरह पेश किया जा रहा है। स्कूलों और अस्पतालों को उन रंगों में रंगा जा रहा है जो आम आदमी पार्टी के झंडे का हिस्सा हैं। इसके लिए बकायदा ठेकेदारों को खास ‘कलर कोड’ दिया गया है। क्या सरकार यह भूल गई है कि यह पैसा जनता का टैक्स है, किसी पार्टी का फंड नहीं?” ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने इसे शिक्षा प्रणाली पर खतरा बताया अकाल तख्त साहिब के पूर्व कार्यकारी जत्थेदार और अब शिरोमणि अकाली दल पुनर-सुरजीत के अध्यक्ष ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने X पर लिखा था कि, “आम आदमी पार्टी द्वारा पंजाब के सरकारी स्कूलों को अपने पार्टी झंडे के रंगों में रंगने का आदेश देना न केवल बेहद शर्मनाक है, बल्कि शिक्षा प्रणाली के लिए गंभीर खतरा भी है।” उन्होंने आगे लिखा था, “स्कूल और बच्चे किसी राजनीतिक पार्टी के प्रचार के साधन नहीं हैं। बच्चों और शैक्षणिक संस्थानों को राजनीतिक प्रभाव में लाने की कोशिश निंदनीय है और शिक्षा के मूल सिद्धांतों के खिलाफ है। सरकारी स्कूल राज्य की संपत्ति हैं, किसी एक पार्टी की नहीं। उन्हें राजनीतिक रंगों में रंगना बच्चों की स्वतंत्र सोच और शिक्षा की आजादी पर हमला है। हम ऐसे राजनीतिक दबाव में जारी आदेशों की निंदा करते हैं और इन्हें तुरंत वापस लेने की मांग करते हैं। पंजाब की शिक्षा व्यवस्था को राजनीति से मुक्त रखना सरकार की जिम्मेदारी है।” 852 स्कूलों और 40 अस्पतालों पर किया गया रंग पंजाब सरकार ने प्रदेश भर में 852 स्कूलों और 40 के करीब अस्पतालों पर रंग रोगन करवाया है। इन सभी इमारतों पर पीले व नीले रंग का कंबीनेशन किया गया जो कि आम आदमी पार्टी के झंडे से मिलता हुआ कलर है। स्कूलों का ऑर्डर 22 दिसंबर को हुआ स्कूलों में रंग रोगन करवाने का आदेश डायरेक्ट जनरल स्कूल एजुकेशन ने 22 दिसंबर 2025 को जारी किया था। लेकिन यह आदेश अब सामने आया है। अब तक ज्यादातर स्कूलों में रंग रोगन का काम पूरा भी हो चुका है। वहीं अस्पतालों को लेकर सेहत विभाग का आदेश अभी तक सार्वजनिक नहीं किया गया। किस जिले में कितने स्कूलों में हो रहा पेंट मुख्यमंत्री भगवंत मान के गृह जिले संगरूर में सबसे अधिक 102 स्कूलों में कलर कोडिंग की गई। इसके अलावा शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस के गृह जिले रूपनगर (रोपड़) में 37, लुधियाना में 70, अमृतसर में 84, बठिंडा में 43, फाजिल्का में 63, गुरदासपुर में 59, होशियारपुर में 39, जालंधर में 40, पटियाला में 63, तरनतारन में 32, मोहाली में 30, मानसा में 29, फिरोजपुर में 22, फरीदकोट में 20 और मोगा में 19 स्कूल शामिल थे।


