पंजाब में रेवेन्यू अधिकारियों की हड़ताल से लोग परेशान:विजिलेंस की गिरफ्तारी से हैं नाराज, लोग बोले- सरकार इस पर एक्शन ले

पंजाब में बीते दिनों तहसीलदार को विजिलेंस द्वारा गिरफ्तार किया गया था। इसे लेकर आज पूरे पंजाब के रेवेन्यू अधिकारियों ने हड़ताल कर दिया। जिससे पूरे पंजाब में लोगों को भारी परेशानियों का सामान करना पड़ रहा है। जिसने काम होने के बाद विदेश जाना था, तो कोई व्यक्ति कई बार अपना नंबर लगवा चुका है, मगर उनका काम नहीं हुआ। जालंधर में आज इसे लेकर लोगों में काफी रोष था। क्योंकि सुबह से ही लोग अपना काम करवाने के लिए तहसील ऑफिस पहुंचे, जहां उन्हें पता चला कि उक्त जगह पर रेवेन्यू अधिकारियों द्वारा हड़ताल की गई है। कुलवंत बोले- विदेश से काम करवाने आए थे रिश्तेदार, कल बैरंग वापस लौटेंगे अपना काम करवाने आए कुलवंत सिंह ने कहा- मैं गोबिंदगढ़ से आया हूं। मुझे पावर अटार्नी बनवानी थी, उसे बनवाने के लिए मेरे जानकार विदेश से आए थे। उन्होंने कल विदेश वापस लौटना है। मगर उन्हें यहां आकर पता चला कि उक्त कर्मचारी हड़ताल पर हैं। रिश्वत कोई और व्यक्ति लेता है, परेशान हम लोग हो रहे हैं। हमें बनाकर दिया गया कि आपका काम नहीं हो रहा है। कुलवंत सिंह ने कहा- सरकार अगर काम करे तो कर्मचारी नाराज हो जाते हैं। विजय ने कहा- एक व्यक्ति की गिरफ्तारी पर सभी के हड़ताल पर जाना गलत विजय ने बताया कि वह रजिस्ट्री करवाने के लिए आए थे। बारिश में वह अपना काम करवाने के लिए आए, मगर यहां पर पता चला कि कर्मचारी हड़ताल पर हैं। पहले बताया भी नहीं गया कि उक्त हड़ताल होगी। विजय ने आगे कहा- पब्लिक को परेशानी हो रही है। सरकार को पैसा भी दिया गया, मगर फिर भी हमारा काम नहीं हो रहा है। कोई काम बिना रिश्वत नहीं हो रहा है। आज वर्किंग डे में ऐसे लोग परेशान हो रहे हैं। एक व्यक्ति की पीछे सारे कर्मचारी हड़ताल पर जाना गलत है। विजय ने कहा- सरकार को ऐसी गतिविधि पर सख्त एक्शन लेना चाहिए। रमन बोले- आज काम होने के बाद अमेरिका जाना, बैरंग लौटे रमन कुमार ने कहा- मैं रजिस्ट्री करवाने के लिए आया था। मगर मेरा काम नहीं हो पाया। मेरे परिवार ने अमेरिका जाना था, सोचा था कि आज काम करवाकर चले जाएंगे। मगर उन्हें बिना किसी काम के वापस लौटना पड़ रहा है। हम सुबह दस बजे से यहां पर आएंगे और परेशान हो रहे हैं। मगर कुछ सुनवाई नहीं हो रही। हम इंतजार कर रहे हैं कि कब हमारा काम होगा। अपना काम छोड़कर हम यहां काम करवाने आए थे, मगर कुछ नहीं हुआ।

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