पंजाब सरकार ने अब अपना फोकस मेडिकल कॉलेजों पर किया है। 20 मार्च से होशियारपुर मेडिकल कॉलेज का निर्माण शुरू होगा। पंजाब के सेहत मंत्री बलबीर सिंह ने बताया कि यह मात्र 275 करोड़ रुपए में बनकर तैयार होगा। राज्य में कुल सात मेडिकल कॉलेज बनेंगे, जिससे छह सौ मेडिकल सीटें बढ़ेंगी। इसके बाद पंजाब के युवाओं को मेडिकल की पढ़ाई करने के लिए विदेश नहीं जाना पड़ेगा। मेडिकल कॉलेज से ढाई सौ करेंगे बचेंगे पंजाब में 20 मार्च को शहीद ऊधम सिंह स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज बनेगा, जिसमें 100 सीटें होंगी। 200 बेड का अस्पताल पहले ही है। 300 बेड का और अस्पताल बनेगा। यह दो साल में बनकर 2028 में तैयार होगा। पिछली सरकार के समय इसका बजट साढ़े पांच सौ करोड़ रुपए था। कई बार टेंडर लगाए गए, लेकिन कंपनियां नहीं आईं। फिर हमारी टीम ने बैठकर डिस्कशन किया, जिसके बाद यह 274 करोड़ रुपए में बनेगा। ढाई सौ करोड़ रुपए बचेंगे। छह कॉलेजों के निर्माण शुरू कपूरथला मेडिकल कॉलेज का भी टेंडर और वर्क ऑर्डर हो चुका है। संगरूर और एसबीएस नगर में टेंडर प्रक्रिया चल रही है। यह दोनों पीपीपी मोड पर बनेंगे। पहले सरकारी मेडिकल कॉलेज हैं, जिनमें केंद्र और राज्य का 60:40 का सहयोग होता है। लहरागागा में जैन समाज ने मेडिकल कॉलेज बनाया है। मलेरकोटला में मुस्लिम माइनॉरिटी कॉलेज बन रहा है। एक प्राइवेट कॉलेज, जो इन्वेस्टर समिट में आया था, बनकर तैयार हो चुका है। पुराने मेडिकल कॉलेज में पीजीआई जैसी सुविधाएं पहले हमारे पास मेडिकल कॉलेजों में 1900 सीटें थीं, जिनमें हमने 300 सीटें जोड़ी हैं। सरकारी कॉलेज पटियाला, अमृतसर, फरीदकोट और डीएमसी में सीटें बढ़ी हैं। अब 600 और बढ़ेंगी। इसके बाद यूक्रेन, चीन और नेपाल नहीं जाना पड़ेगा। लोगों को बढ़िया सेहत सुविधाएं मिलेंगी। बच्चों को बेहतर एजुकेशन मिलेगा। इससे रोजगार भी बढ़ेगा। सारे कॉलेजों में 20 से 25 हजार करोड़ खर्च किए जा रहे हैं। इन्वेस्टर समिट में कॉरपोरेट अस्पताल भी आ रहे हैं। हम चाहते हैं कि मोहल्ला क्लीनिक से लेकर जिला अस्पताल तक सुविधाओं को अपग्रेड किया जाए। हमारे पुराने मेडिकल कॉलेज जैसे अमृतसर, पटियाला और फरीदकोट को पोस्ट ग्रेजुएट स्तर तक लेकर जा रहे हैं। जो सुविधाएं पीजीआई में हैं, वही उनमें भी दी जाएंगी। लिवर ट्रांसप्लांट और किडनी ट्रांसप्लांट भी शुरू हो गए हैं।


