पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए गढ़शंकर स्थित पंजाब वक्फ बोर्ड के रेंट कलेक्टर मोहम्मद यासीन और एक संविदा चपरासी मोहम्मद तालीम को 18,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई बलाचौर निवासी एक किसान की शिकायत पर की गई, जिससे जमीन की लीज रिन्यूअल के बदले पैसों की मांग की जा रही थी। विजिलेंस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने राज्य में भ्रष्टाचार विरोधी अभियान के तहत जालंधर में बड़ी सफलता हासिल की है। ब्यूरो की टीम ने पंजाब वक्फ बोर्ड कार्यालय, गढ़शंकर में तैनात रेंट कलेक्टर मोहम्मद यासीन और ठेके पर कार्यरत चपरासी मोहम्मद तालीम को जाल बिछाकर गिरफ्तार किया। किसान से जुडे़ मामले में कारवाई यह पूरा मामला शहीद भगत सिंह नगर (एसबीएस नगर) के बलाचौर निवासी एक किसान की शिकायत से जुड़ा है। किसान ने बताया कि उसने 2018 से 2021 तक तहसील बलाचौर के गांव भड्ढी में वक्फ बोर्ड की 10 कनाल जमीन लीज पर ली थी। 2021 में लीज की समय समाप्त हुआ था साल 2021 में जब लीज की अवधि समाप्त हुई, तो शिकायतकर्ता ने इसके नवीनीकरण (रिन्यूअल) के लिए रेंट कलेक्टर मोहम्मद यासीन से संपर्क किया। आरोप है कि यासीन ने लीज की फाइल तैयार करने के बदले किसान से 50,000 रुपये की रिश्वत मांगी। जब किसान ने इतनी बड़ी रकम देने में असमर्थता जताई, तो सौदेबाजी के बाद रिश्वत की रकम घटाकर 20,000 रुपये तय की गई। इसमें से आरोपी यासीन ने 2,000 रुपये मौके पर ही ले लिए थे और बाकी के 18,000 रुपये बाद में देने को कहा था। किसान विजिलेंस ब्यूरो को की शिकायत किसान ने इस पूरी बातचीत को सबूत के तौर पर रिकॉर्ड कर लिया और इसकी शिकायत विजिलेंस ब्यूरो को कर दी। शिकायत की प्रारंभिक जांच के बाद, विजिलेंस की टीम ने एक ट्रैप लगाया। योजना के मुताबिक, जैसे ही दोनों आरोपियों ने सरकारी गवाहों की मौजूदगी में किसान से बाकी के 18,000 रुपये लिए, विजिलेंस ब्यूरो की एसबीएस नगर टीम ने उन्हें रंगे हाथों दबोच लिया। विजिलेंस थाना जालंधर में आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है।


