पंजाब विजिलेंस ब्यूरो प्रमुख को हटाया:नागेश्वर राव को सौंपी जिम्मेदारी, मुक्तसर के डीसी सस्पेंड, विजिलेंस को जांच सौंपी, भ्रष्टाचार के मामले में कार्रवाई

पंजाब सरकार ने दिल्ली चुनाव के बाद बड़ी कार्रवाई की है। आज 17 फरवरी को बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए पहले विजिलेंस प्रमुख स्पेशल डीजीपी वरिंदर कुमार को पद से हटाया । साथ ही उनकी जगह ADGP जी नागेश्वर राव को विजिलेंस प्रमुख की जिम्मेदारी सौंपी है। वहीं, मुक्तसर के डीसी को सस्पेंड कर दिया है। भ्रष्टाचार की शिकायत मिलने के बाद यह कार्रवाई की गई है। वहीं, विजिलेंस को भ्रष्टाचार के मामले में कार्रवाई के आदेश दिए गए है। दो दिन पहले ही पंजाब सरकार के एक ऑर्डर जारी कर सभी विभागों के प्रमुख, डीसी, SSP को ये आदेश दिया था कि किसी भी प्रकार का करप्शन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विजिलेंस चीफ को हटाया जाना इसी संदर्भ में बड़ी कार्रवाई है। वहीं, पंजाब सरकार आने वाले दिनों में ऐसी और कड़ी करवाई कर सकती है। आदेश की कॉपी वरिंदर कुमार डीजीपी ऑफिस करेंगे रिपोर्ट जानकारी के मुताबिक जी नागेश्वर 1995 बैच के आईपीएस अधिकारी है। हालांकि वह वरिंदर कुमार से जूनियर है। वरिंदर कुमार को विजिलेंस प्रमुख से हटाने के बाद अभी नई नियुक्ति नहीं दी गई है। फिलहाल उन्हें डीजीपी आफिस पंजाब में रिपोर्ट करने के आदेश दिए गए हैं। पंजाब सरकार के गृह विभाग ने इस संबंधी आदेश जारी कर दिए गए है। दो मंत्रियों के बरी होने पर उठे थे सवाल वरिंदर कुमार को पंजाब सरकार की तरफ से मई 2022 में विजिलेंस ब्यूरो में तैनात किया गया था। उनकी अगुआई में ब्यूरो बहुत अच्छा काम कर रहा था। गत कांग्रेस समय के समय में हुए कई बडे़ घोटालों का पर्दाफाश विजिलेंस ब्यूरो ने किया था। इसमें टेंडर घोटाला, इंडस्ट्रियल प्लॉट घोटाला, वन घोटाला समेत कई मामले में शामिल थे। वहीं, विजिलेंस ने भ्रष्टाचार में शामिल कई लोग सलाखों के पीछे हटाया था। हालांकि टेंडर घोटाले में पूर्व मंत्री भारत भूषण आशु और इंडस्ट्रियल प्लॉट घोटाले में सुंदर शाम अरोड़ बरी हो गए थे। कोर्ट ने इस मामले में दर्ज एफआईआर को खारिज कर दिया था।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *